
वन मित्र पोर्टल पर पट्टेधारियों के आवेदन निरस्त को लेकर चर्चा करते
जनजातीय कार्य विभाग ने कवायद शुरू की है। सत्यापन के लिए आवेदन तहसीलवार एसडीएम को भेजे जाएंगे, अमान्य 780 आवेदनों की दोबारा सुनवाई होगी। जांच के लिए राजस्व विभाग को आवेदन भेजे जाएंगे।
जनजातीय कार्य विभाग में वर्ष 2009 से लेकर अब तक 9 हजार 995 आदिवासियों को विशेष अभियान के तहत कृषि योग्य एवं आवासीय पट्टा वितरण किया गया है। अभियान के दौरान 10 हजार 795 आवेदन आए थे। शासन की गाइड लाइन पर राजस्व और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सत्यापन कर पात्र 9 हजार 985 आवेदकों की लिस्ट फाइनल की थी। इन आवेदकों को कृषि योग्य एवं आवास के लिए पट्टे दिए गए थे। शेष 780 आवेदन अमान्य घोषित किए गए थे। जनजातीय विभाग ने अमान्य आवेदनों को दोबारा सुनवाई के लिए शेड्यूल जारी किया है। शासन के निर्देश पर जनजातीय कार्य विभाग ने आवेदनों को लेकर कवायद शुरू कर दी है।
जनजातीय कार्य विभाग निरस्त आवेदनों को तहसीलवार भेजने दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है। सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला ने समीक्षा की। इस दौरान जिलेभर में 780 आवेदन अमान्य वाले चिह्नित किए गए हैं। इसमें खालवा ब्लाक में सबसे अधिक 365 निरस्त मिल हैं। इसी तरह खंडवा, पंधाना, छैगांव माखन, हरसूद, पुनासा सभी तहसीलों के आवेदनों को तहसीलवार भेजने भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान सहायक संचालक नीरज पाराशर, एसडीओ युवराज सिंह गुर्जर, उपयंत्री काजल आदि अधिकारी व कर्मचारी रहे।
वन मित्र पोर्टल पर पट्टेधारियों में से 8 हजार को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। शेष के दस्तावेज की जांच कर अन्य योजनाओं का लाभ देने की तैयारी है। सहायक आयुक्त ने बताया कि जिन पट्टेधारियों को लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे पट्टेधारियों को चिह्नित कर योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
Published on:
18 Nov 2025 11:28 am
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