
जांच के बाद सरपंच, सचिव पर एफआइआर के निर्देश दिए हैं जिला पंचायत ने
खंडवा.
पुनासा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत हंतिया में इंदिरा आवास योजना और अन्य निर्माण कार्यों में लाखों का हेरफर करने वाले भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिला पंचायत द्वारा एक सप्ताह पूर्व जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधितों पर एफआइआर कराने के निर्देश भी जारी हो चुके है। अति महत्वपूर्ण लिखे इस आदेश में साफ लिखा है कि 3 दिन में एफआइआर दर्ज कराकर कार्यालय को सूचित करें। भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगे जनपद के अधिकारी अतिमहत्वपूर्ण आदेश को ही दबा कर बैठ गए।
पुनासा विकासखंड की हंतिया ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में वन अधिकार पट्टा आवास योजना के तहत 187 हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिया गया था। आवास निर्माण में लाखों की अनियमितता तत्कालीन सरपंच, सचिव ने अधिकारियों की मिलीभगत से की थी। इस मामले में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज होने पर उच्च स्तरीय जांच भी हुई और 85.60 लाख रुपए की आर्थिक अनियमितता भी उजागर हुई। इसके बाद कार्रवाई के नाम पर जो खेल शुरू हुआ तो छह साल बाद भी जारी है। इस मामले में जिला पचंायत सदस्य रणधीर कैथवास ने चार बार शिकायत की। यहां तक मामला लोक आयुक्त की सतर्कता समिति तक भी पहुंचा, लेकिन भ्रष्टाचारियों की पहुंच के आगे हर बार कार्रवाई टलती रही। तत्कालीन सीइओ तक भी सिर्फ रिमांडइर पर रिमांडर देते रहे, लेकिन कार्रवाई अधर में रही।
ऐसे हुआ था भ्रष्टाचार का खेल
वन अधिकार आवास योजना में लाभांवित हुए हितग्राहियों का खाता सरपंच, सरपंच पति, सचिव व अन्य ने मिलीभगत कर नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक में खुलवाया था। जिसमें 187 हितग्राहियों के खाते में 45-45 हजार रुपए की पहली किस्त डाली गई थी। इसके बाद हितग्राहियों के खाते बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाए गए और दूसरी किस्त को पहली किस्त बताकर उसमें डाला गया। नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के खातों में डाली गई पहली किस्त की राशि सरपंच, सचिव व अन्य ने मिलकर निकाल ली।
ये है अति महत्वपूर्ण आदेश
कार्यालय जिला पंचायत से जार पत्र क्रमांक 1267, दिनांक 2 मार्च 2022 को जारी हुआ है। जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पुनासा को अति महत्वपूर्ण इंगित करते हुए लिखा गया है कि ग्राम पंचायत हंतिया जनपद पंचायत पुनासा में इंदिरा आवास योजना एवं निर्माण कार्यों में की गई शिकायत का जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। उक्त जांच प्रतिवेदन में इंदिरा आवास योजना एवं निर्माण कार्यों में गंभीर भ्रष्टाचार किया गया है। संदर्भित पत्र क्रमांक एक के अनुसार जांच में उल्लेखित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध शासकीय नियमानुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का उल्लेख किया गया है।
अत: उक्त के संबंध में आपके द्वारा उक्त प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है तो एफआइआर की प्रति जिपं कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करे, अन्यथा तत्काल एफआइआर दर्ज कराकर 3 दिवस में कार्यालय को सूचित करें।
इनके खिलाफ चली थी जांच
हंतिया ग्राम पंचायत सरपंच मधुबाला गुर्जर, सरपंच पति महेंद्र गुर्जर, तत्कालीन सचिव नानकराम ठाकरे, नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक कियोस्क संचालक दीपक और राकेश गुर्जर, सहायक क्षेत्रीय विस्तार अधिकारी आनंद कुमार जैन, तत्कालीन जिला पंचायत आवास शाखा अधिकारी देवेंद्र दशोरे व ग्राम हंतिया निवासी आशाराम पिता मानसिंह के खिलाफ जांच हुई थी। बाद में तत्कालीन सीइओ जिपं रोशन सिंह ने जिपं वरिष्ठ लेखा अधिकारी दीपाली चौरसिया, तत्कालीन सहायक परियोजना अधिकारी जितेंद्र नामदेव के नाम भी नोटिस जारी किया था।
हमने अभी लेटर देख रहे हैं
जिला पंचायत से प्राप्त लेटर हम देख रहे है। इसका अवलोकन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे। जांच प्रतिवेदन की जानकारी लेने के बाद ही एफआइआर करवा पाएंगे।
स्वर्णलता काजले, सीइओ जनपद पुनासा
Published on:
10 Mar 2022 01:15 pm
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