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video- पग-पग रोटी, डग-डग नीर, कदम-कदम पर सेवा

-गुरु पूर्णिमा पर डेढ़ लाख भक्तों ने किए दादाजी धाम में दर्शन-250 से ज्यादा भंडारों के माध्यम से भक्तों की सेवा में जुटे शहरवासी

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खंडवा

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Manish Arora

Jul 03, 2023

खंडवा. गुरुपूर्णिमा पर्व यू तो पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन खंडवा के श्री दादाजी धाम में मनाए जाने वाले पर्व की देश में अलग ही पहचान है। यहां गुरु पूर्णिमा पर दादाजी धाम में आने वाले भक्तों के लिए पूरा शहर मेजबान बन जाता है। आने वाले भक्तों को यहां भंडारा सेवा के माध्यम से पग-पग पर पानी से लेकर 56 पकवान तक प्रेमपूर्वक बुलाकर प्रसादी के रूप में दिए जाते है।
यूं तो गुरु पूर्णिमा का पर्व 3 जुलाई सोमवार को मनाया जा रहा है, लेकिन उदया तिथि के चलते श्री दादाजी धाम में दो जुलाई को गुरु पूर्णिमा का मुख्य दिवस मनाया गया। तीन दिवसीय पर्व के चलते शनिवार से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। रविवार सुबह से भी भीड़ उमड़ी, लेकिन 6 नंबर गेट से प्रवेश आरंभ करने की स्थिति नहीं बनी। दोपहर तक बड़ी आसानी से दर्शन हो रहे थे। समाधि पर नारियल, पूजन सामग्री चढ़ाना प्रतिबंधित होने से दर्शन में भी ज्यादा समय नहीं लगा। दोपहर बाद भीड़ बढऩे लगी और 6 नंबर गेट से प्रवेश आरंभ करना पड़ा, हालांकि जिगजैग व्यवस्था शुरू नहीं करना पड़ी, सीधे बारादरी से सामधि तक श्रद्धालु पहुंचे।
पर्व के लिए एक दिन पूर्व से ही भंडारों की सेवा शुरू हो गई। रविवार को शहर के हर नाके से प्रमुख मार्गों और दादाजी धाम तक 250 से ज्यादा भंडारों में 5 हजार से ज्यादा शहरवासी आनेवाले भक्तों की सेवा में लग गए। दो दिन में दो लाख से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके थे। आज भी एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु दादाजी धाम पहुंचेंगे।
इस तरह से चली श्री दादाजी की सेवा
प्रात: 4 से 5.30 बजे तक समाधि स्नान, भोर आरती की गई। प्रात: 8 से 9.30 बजे तक पूजन व बड़ी आरती हुई। प्रात: 10 से 10.30 बजे तक समाधि सेवा, नैवेद्य के बाद दोपहर 3.30 से 5 बजे तक समाधि की मालिश और अभिषेक हुआ। शाम 5.30 बजे छोटी आरती की गई। वहीं शाम में श्री सत्यनारायण की कथा के बाद 7.45 से 8.10 बजे तक 108 दीपकों से बड़ी आरती की गई। रात 9.30 से 10 तक समाधि सेवा की गई। 11 बजे बड़ा हवन हुआ। इसके बाद रात में परंपरा निभाते हुए नीमगांव महाराष्ट्र से आए भक्तों ने मशाल जुलूस निकालकर मंदिर की परिक्रमा की।
देने वाले दादाजी…
गुरुपूर्णिमा पर होने वाले भंडारों में हजारों क्विंटल अनाज, हजारों लीटर तेल सहित दूध, सब्जी, दही व अन्य सामग्री लगती है। ये सामग्री कैसे आती है कोई नहीं बताता। सिर्फ एक ही बात कहते है : देने वाले दादाजी… पाने वाले दादाजी..
भक्तों का मेला
-5 हजार से ज्यादा निशान 3 दिन में शहर सहित महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा, बैतूल आदि स्थानों से आए।
-पर्व के पहले ही 80 हजार से ज्यादा भक्त कर चुके थे दर्शन।
-गुरु पूर्णिमा पर शनिवार – रविवार को डेढ़ लाख भक्त पहुंच चुके थे देर रात तक धाम, आज भी डेढ़ लाख से ज्यादा भक्त दर्शन के लिए आएंगे दादाजी धाम।