14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खंडवा

Video- बेमौसम की बारिश से किसानों की आंखों में पानी, प्याज की फसल बरबाद

बैशाख में सावन की झड़ी...-57 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा, एक घंटे में 7 मिमी बारिश-आज विदर्भ का चक्रवाती तूफान होगा सक्रिय, जोरदार बारिश की संभावना

Google source verification

खंडवा

image

Manish Arora

Apr 29, 2023

खंडवा.
मानसून की विदाई को दो माह हो चुक हैं, लेकिन बारिश का दौर अब भी जारी है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बैशाख में गर्मी की जगह सावन की झड़ी लगी हुई है। शुक्रवार को एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हुआ और 57 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ एक घंटे में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। बेमौसम की बारिश ने प्याज के किसानों की आंखों में पानी ला दिया। जिले में प्याज की फसल लगभग बरबाद हो गई। मंडी में आई प्याज भी बारिश के चलते खराब हो गई।
अप्रेल माह में पांचवीं बार तेज बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया और तेज हवाएं चलने लगी। शाम चार बजे के आसपास बारिश का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुककर चलता रहा। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ 57 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चली। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को जिले के सातों ब्लॉकों में बारिश दर्ज हुई है। ओलावृष्टि की सूचना नहीं हैं, लेकिन तेज बारिश सभी दूर हुई है। शनिवार को को जिले में विदर्भ में बने चक्रवाती तूफानी सिस्टम के पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते तेज बारिश हो सकती है। वहीं, चक्रवाती सिस्टम के चलते बिजली गिरने की भी संभावना है।
40 हजार हेक्टेयर की प्याज खराब
गर्मी से पहले किसानों की सभी फसलें कट चुकी है, लेकिन उद्यानिकी फसलें अभी भी खेतों में है, जो बारिश से खराब हो रही है। गर्मी में किसानों द्वारा प्याज की फसल लगाने के साथ, रोपा भी लगाया जाता है। प्याज के किसान सुभाष पटेल ग्राम बावडिय़ा काजी ने बताया कि जिले में लगभग 40 हजार हेक्टेयर रकबा प्याज का खराब हुआ है। इसमें देशी लाल प्याज तो लगभग खराब हो चुकी है। अगस्त में फसल बोने के लिए प्याज का रोपा भी किसान अभी लगाते है, वह भी पूरी तरह से बरबाद हो गया है। इसके अलावा सब्जी की फसलें भी प्रभावित हो रही है। बारिश के चलते किसान खरीफ की फसल के लिए अपने खेत भी तैयार नहीं कर पा रहे है। जिससे बोवनी पर भी असर पड़ सकता है।
चार दिन में साढ़े चार डिग्री गिरा पारा
पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और तेज हवाओं ने तापमान में भी गिरावट लाई है। पिछले चार दिन में पारा साढ़े चार डिग्री कम हुआ है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री रहा था। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री रहा। पहली बार अप्रेल में पारा 40 डिग्री से अधिक नहीं गया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के अनुसार आगामी 6 मई तक ऐसा ही मौसम रहने से अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री तक जा सकता है। इसके बाद तापमान बढऩे की संभावना है।