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खंडवा

ऐसी भी क्या मजबूरी जो कलेक्ट्रेट में छोड़ गई दो जिगर के टुकड़े

कलेक्ट्रेट पहुंची दोनों बच्चियों की दोपहर तक किसी तरह की जानकारी नहीं हो सकी, दोनों बच्चियां किसकी है या फिर महिला ने दोनों को कलेक्ट्रेट में किस वजह से छोड़कर गई।

खंडवाOct 20, 2021 / 03:59 pm

Subodh Tripathi

ऐसी भी क्या मजबूरी जो कलेक्ट्रेट में छोड़ गई दो जिगर के टुकड़े

ऐसी भी क्या मजबूरी जो कलेक्ट्रेट में छोड़ गई दो जिगर के टुकड़े

खंडवा. सलवार सूट पहनकर आई एक महिला बुधवार को अपने जिगर के दो टुकड़े कलेक्टर कार्यालय सभागार के सामने छोड़कर चली गई, बालिकाओं को देखकर हर कोई हैरान है कि आखिर ऐसी भी क्या मजबूरी थी, जो महिला इस तरह दोनों बालिकाओं को छोड़कर गायब हो गई। फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा बालिकाओं के परिजनों को पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

कलेक्ट्रेट भवन में सभागार कक्ष के सामने बुधवार सुबह 8 बजे एक महिला अपनी दो बेटियों को छोड़कर चली गई , इस बीच वहां साफ-सफाई कर रहे कर्मचारियों की नजर बच्चियों पर पड़ी, कर्मचारियों ने आस-पास पूछताछ की तो पता चला इनके साथ कोई नहीं है, कुछ देर पहले एक महिला आई थी और वह छोड़ कर चली गई। वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी , अधिकारियों की सूचना पर चाइल्डलाइन की टीम कलेक्ट्रेट पहुंची, औपचारिकता पूरी कर दोनों बच्चियों को चाइल्डलाइन ले गई। चाइल्डलाइन की सुपरवाइजर सीमा ने बताया कि दोनों बच्चियां कुछ बता नहीं पा रही है पूछने की कोशिश की जा रही है।


टीम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची दोनों बच्चियों की दोपहर तक किसी तरह की जानकारी नहीं हो सकी, दोनों बच्चियां किसकी है या फिर महिला ने दोनों को कलेक्ट्रेट में किस वजह से छोड़कर गई। हालांकि कुछ सफाई कर्मचारियों ने देखा कि एक महिला सलवार सूट में आई थी। साथ में दोनों बच्चियां भी थी। लेकिन बच्चियों को कुर्सी पर बैठा कर गायब हो गई। इसकी सूचना से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई है। बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित हो गए। इस दौरान कार्यालय में कलेक्टर मौजूद नहीं थे । लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें सूचना दी है। फिलहाल अधिकारियों के निर्देश पर चाइल्डलाइन सहित अन्य कर्मचारी इसकी जानकारी जुटाने में लगे हैं कि आखिर यह बच्चियां किसकी है और क्यों यहां पर छोड़ गई।

 

मानसिक व शारीरिक दिव्यांग हैं दोनों बच्चियां


कर्मचारियों ने बताया कि सभागार के सामने मिली बच्चियां आंशिक रूप से दिव्यांग दोनों आंख व हाथ पैर से दिव्यांग हैं। पूछताछ में ना तो वह अपना नाम बता पा रही हैं और ना ही गांव का नाम , बार-बार पूछने पर एक बच्ची ने अपना नाम आलिया बताया है।

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पता पूछने पर खिलखिला उठती है बेटियां


कलेक्ट्रेट में मिली दोनों बच्चियों से जब कर्मचारी नाम और पता पूछते हैं तो दोनों खिलखिला कर हंसने लगती हैं। मौजूद लोग व चाइल्डलाइन की टीम की तमाम कोशिश के बाद भी वे नाम व पता बता पाने में असमर्थ हैं।

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कलेक्ट्रेट का सीसीटीवी कैमरा भी नहीं आया काम
कर्मचारियों ने बताया कि जिस जगह पर महिला ने दोनों बच्चियों को छोड़ा है। वहां पर नया कैमरा लगाया जा रहा है। इससे पहले लगे कैमरे को निकाल दिया गया। नए कैमरे लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी, चूंकि वह अभी चालू नहीं हो पाया है जिससे पता नहीं चल पा रहा है कि कौन महिला दोनों बच्चियों को छोड़कर चली गई।

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