5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मप्र के इस नगर से देश के कोने-कोने में जा रहा गेहूं का आटा, मैदा और रवा

कलेक्टर अनुग्रहा पी ने निमरानी स्थित कंपनियों का किया निरीक्षण    

2 min read
Google source verification
Female worker working in the factory

Female worker working in the factory

खरगोन. खरगोन सहित बड़वानी जिले की माटी उपज नहीं सोना उगलती है। बड़वानी की माटी में तैयार हुआ मक्का स्वीट कॉर्न के रूप में तो कसरावद का गेहूं क्वालिटी वाले आटे, मैदा व रवा के रूप में देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है। खास बात यह है कि अनाज से अलग-अलग प्रोडक्ट जिले के निमरानी क्षेत्र में लगी कंपनियों में ही में तैयार होकर ट्रांसपोर्ट हो रहा है।

शनिवार को कलेक्टर अनुग्रहा पी. ने इन कंपनियों का जायजा लिया और अनाज से प्रोडक्ट बनाने व उसे सड़क, रेल व हवाई मार्ग से ट्रांसपोर्ट करने की प्रक्रिया को समझा। कलेक्टर अनुग्रहा पी ने शनिवार को निमरानी स्थित अनुदान प्राप्त व गैर अनुदान प्राप्त कंपनियों का निरीक्षण कर वहां की प्रबंधन नीति और उनके उत्पाद के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रीय सरकार से प्राप्त अनुदान पर स्थापित इंडस मेगा फूडपार्क, वरद पॉलीफेन प्रालि और गैर अनुदान प्राप्त फार्चुन कंपनी व मॅराल ओवरसीस कंपनी का जायजा लिया।

इंडस मेगा फूड पार्क के संचालक नवीन वर्मा ने इकाई का निरीक्षण करवाते हुए यहां उत्पादित ग्रीन पीक और स्वीट कॉर्न की प्रक्रिया विधि व पैकेजिंग की जानकारी दी। इस दौरान कसरावद एसडीएम संघप्रिय, व्यापार एवं उद्योग के महाप्रबंधक एसएस मंडलोई, उद्यानिकी उप संचालक केके गिरवाल, एसडीओ पर्वत बड़ोले, तहसीलदार केश्या सोलंकी, नायब तहसीलदार राहुल सोलंकी व नरेंद्र मुवेल उपस्थित रहे।

बड़वानी और खरगोन के वह गांव जहां के मक्का से बनता है स्वीट कॉर्न
संचालक नवीन वर्मा ने बताया स्वीट कॉर्न के लिए मक्का बड़वानी जिले के अंजड़, तलवाड़ा, सालखेड़ा खरगोन के बड़वाह, सनावद, महेश्वर और धार के धामनोद व धरमपुरी के किसानों से खरीदा जाता है। मटर रतलाम के किसानों से खरीदकर यहां प्रोसेस किया जाता है।

3 लाख टन प्रतिवर्ष आटा, मैदा व रवे का उत्पादन
निमरानी स्थित फार्चुन कंपनी के जनरल मैनेजर अमितचंद्र सचान ने बताया कसरावद मंडी से गेहूं लिया जाता है। इसके अलावा सिहोर और सुजालपुर जिले से भी उसी क्वालिटी का गेहूं आटा, मैदा व रवा बनाने के लिए खरीदा जाता है। यहां प्रतिवर्ष 3 लाख टन मैदा, आटा व रवा उत्पादित होता है।