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वायरस के कारण लगाई दूसरी किस्म, सबसे बड़ी मंडी में आ गई 6 लाख क्विंटल मिर्च

मिर्च मंडी में 5 साल में पहली बार सबसे ज्यादा आवक

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खरगोन. वायरस के कारण मिर्च के उत्पादन पर प्रभाव पड़ा तो किसानों ने उसका विकल्प भी तलाश लिया. यह उपाय रंग लाया और इसका असर मंडी पर दिखाई दे रहा है. मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी मिर्च मंडी बेड़िया में मिर्ची की जबर्दस्त आवक हुई है. मिर्च की आवक ने यहां का 5 साल का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है. किसान बताते हैं कि मिर्च की नई किस्म पर वायरस के अटैक का प्रभाव नहीं दिख रहा हे.

बेड़िया मिर्च मंडी में अप्रैल 2021 से अब तक 6 लाख 84 हजार 116 क्विंटल मिर्ची की आवक, 70 से 140 रुपए प्रति किलो तक बिक रही मिर्च - गुरुवार को मिर्च मंडी में करीब 3 हजार बोरी की आवक रही. इस साल मंडी में अब तक करीब 6 लाख क्विंटल से अधिक मिर्च की आवक हो चुकी है. मंडी सचिव राधेश्याम मुकाती ने बताया बेड़िया मिर्च मंडी में अप्रैल 2021 से अब तक 6 लाख 84 हजार 116 क्विंटल मिर्ची की आवक हुई है. यहां मिर्च 70 से 140 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है.

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मंडी में पहले मिर्च की तेजा व 12 नंबर की सबसे अधिक आवक थी, वायरस के असर के बाद से ये मिर्च आना बंद- इससे जहां किसानों को आय हुई वहीं मंडी को भी खासा मुनाफा हुआ. जानकारी के अनुसार मंडी को इससे 4 करोड़ 11 लाख 44 हजार 763 रुपए की आय हुई है. किसान बताते हैं कि मंडी में पहले मिर्च की तेजा व 12 नंबर की सबसे अधिक आवक थी. वायरस के असर के बाद से ये मिर्च आना बंद हो गईं.

किसानों ने मिर्च का विकल्प तलाशा और इसके स्थान पर दूसरी किस्म लगाई. किसान शक्ति 51 व माही मिर्च लगा रहे हैं। इस पर वायरस का प्रभाव बहुत कम है। गौरतलब है कि यहां की मिर्ची आंध्रप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों में सप्लाई होती है। मिर्च की इन नई किस्मों पर वायरस के अटैक का प्रभाव नहीं है। खरगोन जिले की ये मिर्च मंडी एशिया में दूसरे नंबर की मानी जाती है. मिर्च मंडियों में आंध्रप्रदेश की गुंटूर पहले नंबर पर है.