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खरगोन दंगे पर बड़ा फैसला : 50 दंगाइयों से वसूले जाएंगे 7.37 लाख, पीड़ितों की होगी भरपाई

बीते 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के मौके पर सांप्रदायिक दंगे में पथराव, लूट और लोगों के घर जलाने जैसे मामलों पर 50 दंगाइयों से 7.37 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि वसूल की जाएगी।

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खरगोन दंगे पर बड़ा फैसला : 50 दंगाइयों से वसूले जाएंगे 7.37 लाख, पीड़ितों की होगी भरपाई

खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन में बीते 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के मौके पर सांप्रदायिक दंगे में पथराव, लूट और लोगों के घर जलाने जैसे मामलों पर 50 दंगाइयों से 7.37 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि वसूल की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार गठित देश के पहले क्लेम ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को एकसाथ छह मामलों पर फैसला सुनाया है।

इनमें से 4 प्रकरण में हिंदू और 2 में मुस्लिम पक्ष पीड़ित हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर जिला प्रशासन के आकलन को आधार मानकर राशि तय की है। तय गाइडलाइन अनुसार क्लेम ट्रिब्यूनल का फैसला क्रिमिनल कोर्ट के फैसले से प्रभावित नहीं होगा।

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4 हिंदू और 2 मुस्लिम पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया है।
1- 122 दुकानों और मकानों को नुकसान कुल 2 करोड़ की क्षति।
2- 1 व्यक्ति की मौत और 50 घायल हुए थे। 80 एफआइआर।
15 दिन में पैसे जमा नहीं किए तो ब्याज सहित वसूली होगी।


अचल संपत्ति कुर्क कर या नीलाम करके भी की जा सकती है भरपाई

क्लेम ट्रिब्यूनल के फैसले में कहा गया कि, आरोपी पक्ष को 15 दिनों के भीतर उनपर सुनिश्चित की गई राशि जमा करानी होगी। इसके बाद राशि जमा करने पर 6 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज देना होगा। कलेक्टर, तहसीलदार के माध्यम से भू-राजस्व की वसूली के समान, क्षतिपूर्ति राशि की वसूली की जाएगी। इसमें जरूरत पड़ने पर आरोपी की अचल संपत्ति कुर्क कर या नीलाम करके भी क्षतिपूर्ति की राशि वसूल की जा सकती है।

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जल्द 25 प्रकरणों पर और होगा फैसला

आपको बता दें कि, कोर्ट में विचाराधीन 343 आवेदनों में से 34 मान्य और 6 पर फैसला सुनाया गया है। फिलहाल, अब 25 प्रकरण बाकी हैं। ट्रिब्यूनल में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश डॉ. शिवकुमार मिश्रा, सेवानिवृत्त सचिव प्रभात पाराशर सदस्य हैं। शुरूआत में कुल 343 आवेदनों में से ऐसे 34 प्रकरण ट्रिब्यूनल ही मान्य किए थे, जिनमें आरोपी ज्ञात हैं। तीन आवेदकों ने अपने प्रकरण वापस ले लिए। 6 प्रकरण में फैसला सुनाए जाने के बाद अब 25 प्रकरण बाकि रह गए हैं।

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