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अपने बच्चे की तरह बंदर को गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल, बच गई जान

करंट लगने से घायल हुए बंदर को बचाकर पेश की इंसानियत की मिसाल...

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खरगोन. आज के दौर में जहां भाई भाई का नहीं होता और खून के रिश्ते भी कमजोर होते नजर आते हैं उसी बीच मध्यप्रदेश के खरगोन में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जो वाकई इंसानियत की मिसाल पेश करती है। मामला खरगोन जिले के भगवानपुरा का है जहां एक घायल बंदर की जान बचाकर लोगों ने न केवल इंसानियत की मिसाल पेश की बल्कि बंदर को भी नई जिंदगी दिलाई। बंदर करंट लगने से घायल हुआ था जिसे वक्त पर अस्पताल ले जाए जाने के कारण उसकी जान बच गई।

जैसा नाम वैसा काम 'भगवान'पुरा
इंसानियत की मिसाल पेश करने की ये घटना गुरुवार सुबह भगवानपुरा है। जहां सिंचाई कॉलोनी में एक बंदर अचेत अवस्था में पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बन्दर बिजली के तारों पर बैठा था तभी वह करंट की चपेट में आकर नीचे गिर गया। बंदर को करंट लगने की खबर लगते ही समाजसेवी सचिन सेन, दशरथ किराड़े, राहुल मालवीय मौके पर पहुंचे और घायल बंदर को उठाकर तुरंत घायल बंदर को पशु अस्पताल ले जाया गया। जहां वक्त पर इलाज मिलने के कारण बंदर की जान बच गई। घायल बंदर को अस्पताल ले जाने वाले सचिन सेन ने कहा कि बेजुबान जानवरों की मदद करना ही मनुष्य का सच्चा परोपकार है।

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बंदर को मिली नई जिंदगी
घायल बंदर को वक्त पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई है। जिससे अब जल्द ही वो अपनी बिरादरी में लौटकर फिर से पेड़ों पर उछलकूद करता नजर आएगा। भगवानपुरा के समाजसेवियों की ओर से किया गया ये प्रयास समाज के दूसरे लोगों को भी प्रेरणा देता है कि बेजुबान जानवरों को उनका एक छोटा सा प्रयास नई जिंदगी दे सकता है।

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