8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

मध्य भारत की सबसे बड़ी फ्रूड प्रोसेसिंग यूनिट बनेगी खरगोन में

उन्नत होगा किसानदिसंबर से शुरू होगी फ्रूड प्रोसेसिंग यूनिट, टमाटर से तैयार होंगे स्वादिष्ट टोमेटो पल्प एंड पेस्ट, देशभर में बढ़ाएंगे जायकापल्प एंड पेस्ट बनाने के लिए हेदराबाद की फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज कंपनी ने पांच किसानों से की कांट्रेक्ट फार्मिंग, खेतों में किए ट्रॉयल शुरू

2 min read
Google source verification

खरगोन

image

Gopal Joshi

Feb 14, 2021

Central India's largest food processing unit will be built in Khargone

खरगोन. राजेश कुमरावत, विक्की कुमरावत खेतों में टमाटर की फसल दिखाते हुए।

खरगोन.
जिले की उपजाऊ भूमि से पैदा होने वाले जायकेदार, रसीले टमाटरों से अब पल्प व पेस्ट तैयार होगा। इसकी ट्रांसपोर्टिंग देश के कोने-कोने तक होगी। यह सब जिले में स्थापित होने वाली फ्रूड प्रोसेसिंग यूनिट में किया जाएगा।इसके अलावा अमरूद, पपीता और मेंगो के भी स्वादिष्ट और जायकेदार खट्टे-मीठे उत्पाद तैयार होंगे। इसके लिए फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज ने अपना काम शुरू कर दिया है। बरूड़ के पांच किसानों ने कांट्रेक्ट फार्मिंग भी की है। मध्य भारत की सबसे बड़ी इस यूनिट का भूमिपूजन रविवार को हुआ।
कंपनी के शशांक भदौरा ने बताया खरगोन में मिर्च, अमरूद, पपीता और मेंगो प्रमुखता के साथ मिलता है। इसके अलावा टमाटर के पल्प के लिए क्वालिटी वाली उपज बरूड़ के किसानों से मिली है। यहां खेतों में ट्रॉयल किए हैं, जो सुखद परिणामों वाला है। हालांकि यहां पहले से ही किसान टमाटर की खेती करता रहा है, लेकिन पल्प व पेस्ट के लिए एक भिन्न किस्म के टमाटर चाहिए, जिसके आसानी से पल्प बनाए जा सके। भदौरा ने कहा- कंपनी दिसंबर 2021 से अपना प्रोडक्शन शुरू कर देगी।

बरूड़ के किसानों ने की कंपनी के लिए कांट्रेक्ट फॉर्मिंग
फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज ने अपना प्लांट शुरू करने से पूर्व बरूड़ के 5 किसानों के खेतों में 1-1 एकड़ रकबे में कांट्रेक्ट फॉर्मिंग शुरू की। राजेश कुमरावत ने बताया कंपनी ने 1 एकड़ के रकबे में पौध दिया है। इस किस्म में 70 दिनों से ही फ्रूटिंग शुरू हो गई। इसके लिए किसानों को 4-4 किश्तों में 5-5 हजार रुपए की राशि दी है। इसके अलावा अनुबंध के अनुसार 4 रुपए प्रतिकिलो का लाभ भी देगी।

जापानी किस्म के टमाटर में कम खर्च
बरूड़ के युवा किसान विक्की कुमरावत ने बताया हम सालों से टमाटर की फसल ले रहे हैं, जिसमें बांस-बल्ली का भरपूर उपयोग होता है। इससे किसानों की फसल लागत बढ़ जाती है, लेकिन जापानी किस्म के टमाटर में तामझाम की जरूर नहीं। इस कारण किसानों के लिए बेहद लाभकारक हो सकता है।

खराब नहीं होगी टमाटर की उपज
रामेश्वर कुमरावत, संदीप कुमरावत, राजेश कुमरावत, महेश कुमरावत के खेतों में 1-1 एकड़ पर ट्रायल किए गए। किसानों ने बताया अब किसानों को अपने टमाटर की फसल कम कीमत के कारण फेंकना नही पड़़ेगी।

मध्य भारत की सबसे बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट होगी
रविवार को इंड्स मेगा फ्रूड पार्क निमरानी में 2 एकड़ रकबे में फ्रूटेक्स इंडस्ट्रीज ने भूमिपूजन किया। कंपनी के शशांक भदौरा ने बताया यह यूनिट मध्य भारत की सबसे बड़ी यूनिट होगी। यहां पल्प व पेस्ट तैयार करेंगे। इसमें किसी प्रिजरवेटिव मिलाए बिना लंबे समय तक पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जाएगा। ईसेप्टीक पैकेजिंग विधि से यहां बनने वाले प्रोडक्ट को सहेज कर रखा जाएगा।

रोजाना 100 टन होगी प्रोसेसिंग
भदौरा ने बताया इस यूनिट के निर्माण के भारत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 5 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। फू्रड प्रोसेसिंग यूनिट का 100 टन प्रतिदिन का होगा। यहां मौसम आधारित कार्य किए जाएंगे। खरगोन की खेती उपजाऊ है और यहां के किसानों को भी इस प्लांट का पर्याप्त लाभ मिलेगा।