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गरीबों को मिलने वाला राशन हड़प गया विक्रेता, 15.76 लाख के घोटाले का खुलासा!

PDS ration scam exposed: खरगोन में पीडीएस राशन घोटाले का खुलासा हुआ है। शिकायत पर जांच हुई तो सामने आया कि विक्रेता ने कागजों में 15.76 लाख का अनाज गबन कर लिया।

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खरगोन

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Akash Dewani

May 23, 2025

More than 15 lakhs PDS ration scam exposed in bhikangaon area of Khargone in mp news

PDS ration scam exposed: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में भीकनगांव स्थित सरकार ने पीडीएस दुकानों का संचालन इसलिए किया ताकि जरूरतमंदों को आसानी से खाद्यान्न उपलब्ध हो जाए, मगर गरीबों के राशन पर जिमेदारों की नियत भी डोल रही है। पीडीएस से मिलने वाले राशन की ऐसी ही कालाबाजारी भीकनगांव में सामने आई है। यह फर्जीवाड़ा राशन न मिलने पर हितग्राहियों द्वारा की गई शिकायत पर की गई जांच के बाद सामने आया है। विक्रेता ने ही 15.76 लाख के राशन डकार लिया है। घोटाले के मामले में संस्था प्रबंधक की मिलीभगत का भी अंदेशा है।

हितग्राहियों ने की शिकायत, जांच में सामने आया सच

दरअसल वार्ड से 10 के हितग्राहियों ने समय पर पूरा राशन न मिलने की शिकायत की थी। 6 मार्च 2025 को सहायक आपूर्ति अधिकारी और सहकारिता विस्तार अधिकारी की संयुक्त टीम ने जांच की। इसका खुलासा अब हुआ है जिसमें बड़ा खेल सामने आया है। शासकीय उचित मूल्य दुकान (कोड 2402051) में गेहूं (एनएफएसए) 12746 किया, चावल 14453 किया, गेहूं (एनएफएसए) 468.55 किया, नमक (एनएफएसए) 287 किग्रा समेत कई वस्तुएं गायब पाई गई। विक्रेता बसंत यादव (नाना) कोई भी संतोषजनक दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

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राशन की दूसरी किस्त भी गायब

विक्रेता को हटाकर जब चार्ज हैंड ओवर किया गया, तब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में 5 लाख 2 रुपए मूल्य का अतिरिक्त अनाज भी गायब पाया गया। इस तरह कुल गबन की राशि 15 लाख 76 हजार 451 रुपए तक पहुंच गई। द कॉपरेटिव विपणन सहकारी संस्था भीकनगांव के प्रशासक मनोहर वास्कले ने बताया कि विक्रेता को नोटिस जारी किया है। जल्द ही राशि की वसूली की जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उन पर भी कार्रवाई करेंगे।

विक्रेता बदला, प्रबंधक अब तक महफूज

गंभीर अनियमितताओं के चलते विक्रेता बसंत यादव को हटाकर अनिल सिरसाट को नया विक्रेता नियुक्त किया है, लेकिन असली सवाल संस्था के प्रबंधक कमल यादव पर उठ रहे हैं। नियम अनुसार प्रबंधक को हर माह उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करना होता है। इसके बावजूद तीन में से दो दुकानों में लाखों का गबन होना, प्रबंधक की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।