
MP News Khargone incident
MP News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड के मिटावल गांव में पेट दर्द और उल्टी के 350 मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर के आदेश पर अलग-अलग विभागों की टीम ने दौड़ लगा दी और गांव के दौरे पर पहुंच गई। शुरुआती जांच में मामला प्रदूषित पानी का माना जा रहा है। वहीं इस मामले पर जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन भी शुरू भी शुरू कर दिया है।
गांव में अचानक इतनी ज्यादा संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से ग्रामीण परेशान हो गए। गांव वालों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। कलेक्टर ने तुरंत अलग-अलग विभागों की टीम को गांव भेजा। टीम ने गांव में जाकर स्थिति का जायजा लिया। मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एमएस सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने मिटावल गांव का दौरा किया। इस टीम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह और एसडीएम आकांक्षा करोठिया भी शामिल थे।
जिला पंचायत खरगोन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह ने बताया कि गांव में लगभग 350 लोग उल्टी और पेट दर्द से पीड़ित मिले हैं। उनका कहना है कि मिटावल गांव की आबादी लगभग 3000 है। यहां जल जीवन मिशन योजना के तहत बोरिंग और एक पुराने कुएं से पानी निकालकर टैंक में भरा जाता है। फिर इस पानी को पाइपलाइन के जरिए गांव में सप्लाई किया जाता है। आकाश सिंह ने बताया कि तीन टीमों ने 125 घरों के 600 लोगों की जांच की। बीमार लोगों को दवाइयां दी गईं। सभी प्रभावित लोग अब खतरे से बाहर हैं।
पानी और स्टूल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कलेक्टर के आदेश पर गांव में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। कुओं की सफाई और पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी जारी है। टीम बुधवार को एक बार फिर गांव का दौरा करेगी।
आकाश सिंह ने बताया कि इस मामले में पीएचई के सब इंजीनियर, गांव के सरपंच और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
Updated on:
13 May 2025 03:09 pm
Published on:
13 May 2025 03:09 pm
