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लगेगा नवग्रह मेला, आज होगा भूमिपूजन

-इस बार 10 मार्च से होगी शुरुआत, 10 अप्रैल तक चलेगा मेला

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खरगोन

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Gopal Joshi

Feb 27, 2022

Navagraha Mela will be held today

विधिवत भूपिमूजन सोमवार यानी 28 फरवरी को होगा

खरगोन.
प्रदेश के प्रमुख मेलों में शामिल नवग्रह मेले के संचालन को लेकर उलझी गुत्थी आखिरकार रविवार को सुलझ गई। मांग और विरोध के बीच जिला प्रशासन ने मेला लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विधिवत भूपिमूजन सोमवार यानी 28 फरवरी को होगा। मेले की शुरुआत 10 मार्च से होगी और समापन 10 अप्रैल को होगा। नगरपालिका ने रविवार को भूमि पूजन कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र भी जारी कर दिया है। सोमवार को भूपिपूजन के साथ ही टेंट, बिजली और सीसीटीवी कैमरा लगाने के टेंडर भी खुलेंगे।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड परीक्षा, गर्मी के बढ़ते असर और कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक संगठन ने मेला न लगाने की मांग प्रशासन के सामने रखी थी। प्रशासन ने तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मेला संचालन का निर्णय लिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार भूमिपूजन जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के आतिथ्य में होगा। सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, खरगोन विधायक रवि जोशी, कलेक्टर अनुग्रहा पी., एसपी सिद्धार्थ चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

इसलिए था विरोध
कोरोना की तीसरी लहर, बोर्ड परीक्षाओं का संचालन व आगामी गर्मी सीजन को देखते हुए एक संगठन ने अबकि बार मेला न लगाने की मांग प्रशासन के सामने रखी थी। जबकि मेला व्यापारी संघ शुरू से ही संचालन की मांग कर रहा था। मांग और विरोध के बीच प्रशासन ने कई बार बैठक बुलाई लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। रविवार को आखिरकार मेला लगाने की अनुमति प्रशासन ने दी है।

हर बार फरवरी में सिमटता है, इस बार लगेगा
गौरतलब है कि मप्र के प्रमुख मेलों में शुमार नवग्रह मेला सामान्य तौर पर जनवरी में लगता है और इसी माह अपने शबाब पर रहता है। इस बार मेले की शुरुआत ही १० मार्च से होगी और १० अप्रैल तक चलेगा। यह पहला अवसर होगा जब मेला अप्रैल तक जाएगा।

बाहर से आए व्यापारियों ने ली राहत की सांस
खींचतान के बीच नगरपालिका न टेंडर जारी किए, इस खबर पर बाहर के व्यापारी सामान लेकर खरगोन पहुंचे हैं। यहां आकर पता चला कि अभी प्रशासन का कोई निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में वह व्यापारी नुकसान को लेकर परेशान थे, लेकिन अब मेला लगने की सूचना के बाद वह भी तैयारियों में जुटे हैं। गफलत के बीच खरगोन पहुंचे व्यापारियों की व्यथा को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था।