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एमपी के गांववालों पर दिल्ली पुलिस ने तान दी बंदूक! जानें पूरा मामला

suspicious vehicle: तेज रफ्तार में गांव में घुसे एक संदिग्ध वाहन को लेकर ग्रामीणों और सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई, जिससे आक्रोश फैल गया।

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खरगोन

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Akash Dewani

Apr 26, 2025

tension arose between the villagers and delhi policemen in civil dress over a suspicious vehicle entering the village of khargone mp

suspicious vehicle: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के निमरानी गांव में अचानक एक एर्टिगा वाहन आया और गांव तेज गति से तीन से चार राउंड गांव के लगाए। ग्रामीणों को लगा कि कोई अनहोनी या हादसा न हो जाए इसलिए उन्होंने गाड़ी को रुकवाया और पूछा कि आप कौन हो। तभी वाहन में बेठे लोगों ने कहा हम दिल्ली पुलिस है। सिविल ड्रेस में उन्हें देखकर ग्रामीणों ने कहा यदि आप पुलिस है तो अपना आईडी कार्ड दिखाएं। जिस पर वाहन में बैठे लोग नीचे उतरे और बातचीत करने की बजाय सीधे ग्रामीण पर बंदूक तान दी।

उपरोक्त घटनाक्रम से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और तुरंत बलकवाड़ा थाना प्रभारी रितेश यादव को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने संतुष्टप्रद जवाब देने की बजाय ग्रामीणों से ही अभद्रता की। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने उपरोक्त घटनाक्रम और थाना प्रभारी के गलत व्यवहार का विरोध किया।

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पुलिस की मदद करते हैं ग्रामीण

मौके पर ग्रामीणों के साथ मीडिया कर्मी भी विरोध में थे। ग्रामीणों का कहना है कि हम सदैव पुलिस को अपराधों की सूचना देते हैं। यदि वाहन में बैठे व्यक्तियों से आईडी कार्ड दिखाने का बोला तो इसमें क्या गलत किया। तुरंत चौकी पर भी उपरोक्त घटनाक्रम की सूचना दी। इस दौरान व्यपारी संघ के कैलाश अग्रवाल, दीनदयाल शर्मा मयूर मित्तल, मधुसूदन सिसोदिया आदि मौजूद थे।

अपराधी का पीछा कर रही थी पुलिस

इस मामले में थाना प्रभारी रितेश यादव ने बताया कि ग्रामीणों और मीडियाकर्मी के द्वारा जो आरोप लगाए हैं वह गलत है। ग्रामीणों की सूचना पर मैंने तुरंत वाहन मालिक से संपर्क कर यह पूछा तो उन्होंने बताया कि वाहन दिल्ली पुलिस के सुपुर्द है। जो पुलिस वाले आए थे वह अपराधी के पीछे बड़वानी से लगे हुए थे। लेकिन ग्रामीण लोग उन्हें समझ नहीं पाए। उनके द्वारा किसी से भी अभद्रता नहीं की गई।