खरगोन.
जान न पहचान मैं तेरा मेहमान। यह कहावत खरगोन कोर्ट परिसर में उस समय सार्थक हुई जब एक फर्जी जमानत कर्ता को जज ने ही पकड़ लिया। यहां एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। एक बुजुर्ग को पुलिस हथकड़ी लगाकर पहुंची। यह शख्स उमरखली हाल मुकाम इंदिरा नगर निवासी राधेश्याम मांग्या (65) है। 20 मार्च को जम्मू कश्मिर के युवक जाहिद पिता रसीद ने वाहन से एक एक्सीडेंट किया। उसी मामले में राधेश्याम फर्जी जमानत कर्ता बना। उसकी पोल कोर्ट में उस समय खुली जब कोर्ट में जाहिद ने राधेश्याम को पहचानने से ही इंकार कर दिया।
खरगोन पुलिस ने तथ्य छुपाकर फर्जी जमानत देने वाले उक्त आरोपी गिरफ्तार किया है। इसी मामले में उसे बुधवार उसे फिर से कोर्ट में पेश किया गया। टीआई बनवारी मंडलोई ने बताया 21 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पदमा राजौरे तिवारी द्वारा जमानतदार राधेश्याम माग्या निवासी उमरखली हाल मुकाम इंदिरा नगर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के आदेश हुए थे। इसके परिपालन में पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि आरोपी राधेश्याम ने तथ्यों को छुपाकर जमानत कराने पहुंचा है। जबकि पूर्व में भी वह छह-सात आरोपियों की जमानत इसी तरह करा चुका है। कोर्ट को गुमराह करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया। इसी मामले में उसे बुधवार पुन: कोर्ट में पेश किया। उक्त कार्रवाई में टीआई बनवारी मंडलोई सहित उपनिरीक्षक राजेन्द्र अवास्या, सहायक उपनिरीक्षक आशीष सोमवंशी, सुरेश चौहान, प्रधान आरक्षक यशवंत मकसारे, आरक्षक ललीत भावसार का योगदान रहा। कोर्ट पहुंचे राधेश्याम ने बताया फर्जी जमानत मामले में उसे 1500 रुपए मिले थे। इसके पूर्व भी वह इस तरह का काम कर चुका है।