
नेपाल से हुआ मिथिलांचल की ऐतिहासिक परिक्रमा का आगाज
किशनगंज: मिथिलांचल की ऐतिहासिक 15 दिवसीय मध्यमा परिक्रमा का रविवार को विधिवित रूप से आगाज हुआ। नेपाल के जनकपुर के जानकी मंदीर के प्रागंण में नेपाल कम्यूनिष्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल प्रचंड ने मिथिला बिहारी और किशोरी जी की डोली उठा कर परिक्रमा को शुरू किया। इस अवसर पर भारत और नेपाल से आए लाखों संत व भक्तजन मौजूद रहे।
जनकपुरधाम से विदा होकर भगवान मिथिला बिहारी एवं किशोरी जी की डोली ने गाजे बाजे व सीताराम जयघोष के साथ भारत के वैशाली की ओर प्रस्थान किया। यह मध्यमा परिक्रमा मेला यात्रा मिथिला क्षेत्र से जुड़े भारत नेपाल के प्रसिद्ध पंद्रह देव स्थलों का भ्रमण 15 दिनों में करती है। सभी देव स्थलों की अलग अलग परंपराएं हैं। यह परिक्रमा मेला 15 दिनों में तीन तरह से पूरा किया जाता है। वृहत पंद्रह दिन, मध्यमा पांच दिन, लघु चौबीस घंटा।
मिलता है मोक्ष...
शास्त्रों के अनुसार मनुष्य जीवन में कम से कम एक बार परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रत्येक विश्राम स्थल पर भगवान की डोली की ठहरने की अलग व्यवस्था होती है। करीब डेढ़ सौ किमी पैदल भ्रमण करने के बाद अंतिम दिन जनकपुरधाम में पांचकोशी परिक्रमा होती हैं।
Published on:
23 Feb 2020 07:19 pm
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