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रात के अंधेरे में बेखौफ होती है बजरी की सप्लाई

खनन और परिवहन पर है न्यायालय की रोक, किशनगढ़ में कई जगह लगे हैं बजरी के ढेर, टे्रक्टर ट्रॉली में तिरपाल से ढंककर हो रहा परिवहन

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In the darkness of the night supply of gravel

रात के अंधेरे में बेखौफ होती है बजरी की सप्लाई

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर).

बजरी का परिवहन धडल्ले से जारी है। अब बजरी का परिवहन ढंककर होने लगा है। इसकी सप्लाई भी रात्रि के समय चोरी-छिपे होती है। इसके बावजूद पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती है।
न्यायालय ने बजरी के खनन और परिवहन पर रोक लगा रखी है।

इसके बावजूद नगर में बजरी की सप्लाई हो रही है। नगर में कई स्थानों पर बजरी के ढेर लगे हैं, लेकिन पुलिस और खनन विभाग की इन पर नजर नहीं पड़ती है। जानकारों की मानें तो नगर में रूपनगढ़ क्षेत्र में खनन होकर यहां बजरी पहुंचती है।

रात्रि के समय डम्पर और ट्रेलर यहां पर खाली होते हैं। इसके बाद नगर में जगह-जगह बजरी की सप्लाई होती है। यह सप्लाई अलसुबह या देर रात्रि को टे्रक्टरों को ढंककर की जाती है।

डिप्टी ऑफिस के निकट लगे बजरी के ढेर

नगर के रूपनगढ़ रोड स्थित पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर हमीर सागर तालाब के किनारे पर जगह-जगह बजरी के ढेर लगे हैं। इसके बावजूद पुलिस को यह दिखाई नहीं देते हैं।

खनन और परिवहन कर्ता कूट रहे चांदी

किशनगढ़ सहित आस-पास के क्षेत्रों में बजरी की सप्लाई होती है। जानकारों की मानें तो पहले डम्पर 5 से 7 हजार रुपए का आता था। अब इसकी कीमत 20 हजार तक पहुंच गई है।

यह तो किशनगढ़ या इसके आस-पास की सप्लाई की बात है। रूपनगढ़ क्षेत्र से अजमेर या जयपुर जाने पर डम्पर की कीमत 30 से 35 हजार तक बताई जाती है।