
यहां छतरी में विराजित है महादेव
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मदनगंज-किशनगढ़. गांधीनगर रूपनगढ़ रोड आरओबी के पास अमरनाथ छतरी महादेव मंदिर स्थित है। छतरी के नीचे शिवलिंग स्थापित होने के कारण इसे अमरनाथ छतरी महादेव मंदिर कहा जाता है। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष गोपाल लाल प्रजापत ने बताया कि यह मंदिर लगभग चार सौ साल पुराना है। इस संबंध में इस मंदिर की छतरी पर शिलालेख भी है। हालांकि यह धुंधला हो गया है जिस कारण अब पढऩे में कम आता है। इस मंदिर का जीर्णोद्वार वर्ष 2001 में किया गया था। इससे पहले यहां छतरी के नीचे शिवलिंग स्थापित था। यह छतरी पूरी तरह मकराना मार्बल से बनी हुई है। सावन माह में तो पूरे माह भक्तों का तांता लगा रहता है। सोमवार को भक्तों की संया अधिक रहती है। सावन में सोमवार को भक्तों की संया अधिक रहती है। यहां दोपहर तक भक्त जलाभिषेक करने के लिए आते रहते है। मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान शिव परिवार का नित्य शृंगार किया जाता है। सावन में सहस्त्राभिषेक करने वाले भक्तों की संया अधिक रहती है। साथ ही यहां नियमित रूप से सत्संग-कीर्तन के आयोजन होते है। इसके साथ ही शिवरात्रि के उपलक्ष्य में जागरण होता है और अगले दिन विधिविधान से पूजा अर्चना होती है।
इस मंदिर परिसर में ही खुंडियास और रामदेवरा जाने वाले भक्तों के लिए भंडारा लगाया जाता है। यह आधा सावन और आधा ***** तक चलता है। महीने भर तक चलने वाले इस भंडारे में भक्तों को भोजन, अल्पाहार, विश्राम और दवाइयों की व्यस्था रहती है। मंदिर समिति के सदस्य और अन्य श्रद्धालु रामदेवरा और खुंडियास जाने वाले भक्तों की सेवा करते है।यहां सावन में शिवभक्तों का भारी भीड़ रहती है, शिव भक्त यहां शिव एवं शिव परिवार की प्रतिमाओं का जलाभिषेक करते और रात्रि जागरण के आयोजन भी होते है। सुबह और शाम को आरती में भी शिवभक्तों की खासी अच्छी भीड़ रहती है।
Published on:
11 Aug 2019 12:11 pm
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