
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी । ( फोटो: ANI)
West Bengal Politics News : कोलकाता। विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में भगदड़ मची है। पार्टी के कई राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। गुरुवार को पार्टी की सांसद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है। ममता बनर्जी ने कहा है कि जिसे जहां जाना है, 21 जुलाई से पहले बोरिया बिस्तर लेकर चला जाए।
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कोयल ने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा सौंपने के बाद कोयल मल्लिक केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से मिलने दिल्ली में उनके आवास पर पहुंचीं। बंगाल में कोयल मल्लिक को लेकर दो महीने के भीतर राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की तरफ से यह चौथा इस्तीफा है।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद कहा है कि जिसे जहां जाना है, 21 जुलाई से पहले बोरिया बिस्तर लेकर चला जाए। ममता ने बताया कि कोयल ने ई-मेल करके पहले ही अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी, ईडी और सीबीआई के दबाव में जो जहां जाना चाहता है चला जाए। ममता ने अपने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा है कि उन्होंने जो पार्टी बनाई है, उसे कलंकित न करें।
कोयल मल्लिक का जन्म पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुआ। वह प्रसिद्ध बंगाली अभिनेता और निर्माता रंजीत मल्लिक और दीपा मल्लिक की बेटी हैं। बचपन से ही उनका पालन-पोषण फिल्मी माहौल में हुआ, जिसने उनके अभिनय करियर की मजबूत नींव रखी। धीरे-धीरे वह बंगाली फिल्म उद्योग (टॉलीवुड) की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। लगातार हिट फिल्मों और दर्शकों के प्यार की बदौलत उन्हें टॉली क्वीन के नाम से भी जाना जाता है। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने बुधवार को पार्टी का साथ छोड़कर बागी और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का दामन थाम लिया। बागी गुट में शामिल होने पर मदन मित्रा ने कहा कि मैं लगभग 30 साल तक ममता बनर्जी के साथ रहा, लेकिन हालात बदल गए हैं और मुझे नहीं पता कि और क्या कहूं। उनमें लड़ने की हिम्मत नहीं है और वे बदलाव लाने में सक्षम नहीं हैं। अगर हम एकजुट रहें, तो भाजपा एक साल के भीतर कमजोर हो जाएगी क्योंकि उनके पास जमीनी स्तर पर मजबूत कैडर नहीं है।
Updated on:
16 Jul 2026 05:57 pm
Published on:
16 Jul 2026 05:57 pm
