
विधायक मदन मित्रा। (Photo-IANS)
Kolkata News : कोलकाता। टीटागढ़ नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक मदन मित्रा बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। दोपहर करीब 12 बजे ईडी कार्यालय पहुंचने पर मदन मित्रा ने मीडिया से कहा कि मैं किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हूं। ईडी ने बुलाया है, इसलिए उनके सभी सवालों का जवाब दूंगा। उन्होंने कहा कि एक साथ कई सवाल पूछे जाने से जवाब देना मुश्किल हो जाता है। इससे पहले ईडी उनके परिवार के तीन सदस्यों- पत्नी अर्चना मित्रा और दोनों पुत्र शुभरूप तथा स्वरूप मित्रा से अलग-अलग दिनों में पूछताछ कर चुकी है।
ईडी ने 14 जुलाई को मदन मित्रा की पत्नी और दोनों पुत्रों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद राजनीतिक घटनाक्रम में भी बदलाव देखने को मिला। मदन मित्रा ने तत्कालीन पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाते हुए पार्टी के भीतर एक अलग गुट का साथ दिया और कालीघाट ममता गुटे के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
ईडी कार्यालय के बाहर उनसे राजनीतिक पाला बदलने को लेकर भी सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले वे कह चुके हैं कि उनके राजनीतिक फैसले का कारण केंद्रीय जांच एजेंसी का दबाव नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर नेतृत्व से मतभेद था। गत सप्ताह ईडी ने लगातार तीन दिन तक मदन मित्र के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की थी।
जांच एजेंसी ने बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में भी जानकारी जुटाई है। ईडी के अनुसार, जांच में ऐसे आरोप सामने आए हैं कि टीटागढ़ नगर पालिका में कथित तौर पर नकद राशि अथवा सोने के बदले कम से कम 125 लोगों को नौकरी दी गई। इसी मामले में मदन मित्र का नाम जांच के दौरान सामने आया। इससे पहले 13 जून को ईडी ने उनके कई ठिकानों पर तलाशी भी ली थी और उनसे प्रारंभिक पूछताछ की थी।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नगर पालिका में नियुक्तियों के बदले किसी प्रकार का अवैध वित्तीय लेनदेन हुआ था या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ईडी की ओर से आगे की कार्रवाई पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।
Updated on:
29 Jul 2026 03:39 pm
Published on:
29 Jul 2026 03:31 pm
