
kolkata-दो स्कूलों में एक महीने से बंद है मिड डे मील
अभिभावकों ने स्कूल के सामने किया विरोध प्रदर्शन
कोलकाता .
मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों के वेतन में कटौती के कारण सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्यों ने पिछले काफी समय से खाना बनाना बंद कर दिया है। नतीजतन क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्कूल आने के बाद भी मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा है। मध्याह्न भोजन के प्रभारी समूह के सदस्यों ने वेतन कटौती के विरोध में बांकुड़ा के दो स्कूलों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना सोमवार को बांकुड़ा शहर के लालबाजार इलाके के नामो बागदी पाड़ा इंद्र प्राथमिक विद्यालय और लालबाजार प्राथमिक विद्यालय में हुई। बताया जाता है कि बांकुरड़ शहर सहित जिले के विभिन्न सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या तेजी से घट रही है। हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग के एक सर्वे में सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने आई थी। इस बार बांकुड़ा शहर के दो प्राथमिक विद्यालयों की मध्याह्न बैठक को भी उनके प्रभाव ने प्रभावित किया। बांकुड़ा के लालबाजार बागदीपाड़ा प्राथमिक विद्यालय व लालबाजार प्राथमिक विद्यालय में पिछले एक माह से मध्यान्ह भोजन बंद है।
कम हुई छात्रों की संख्या
स्कूल सूत्रों के मुताबिक कभी इन दोनों स्कूलों में छात्रों की संख्या 60 से ऊपर हुआ करती थी। इतने सारे छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन पकाने के लिए प्रति स्कूल दो समूह के सदस्यों को नियुक्त किया गया था। दो स्कूलों के लिए अलग-अलग कार्यरत समूह के दो सदस्यों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 1500 आधिकारिक तौर पर आवंटित किए गए थे। हाल ही में दोनों स्कूलों में छात्रों की संख्या असामान्य दर से घटी है। लालबाजार बागदीपाड़ा इंद्र प्राथमिक विद्यालय में वर्तमान में 19 छात्र हैं और लालबाजार प्राथमिक विद्यालय में 25 छात्र रह गए हैं। छात्रों की संख्या घटने पर प्रशासन ने दोनों स्कूलों के रसोइयों की संख्या दो से घटाकर एक कर दी। प्रति विद्यालय एक रसोइया के लिए 1500 रुपये का मासिक आवंटन खाना पकाने वाले समूह के तीन सदस्यों द्वारा साझा किया जाता है।
पांच सौ रुपए मिलते है मासिक
नतीजतन, समूह के सदस्यों को प्रति व्यक्ति पांच सौ रुपये की दर से मासिक वेतन का हिस्सा मिलता है। उन दो स्कूलों में पिछले एक महीने से खाना बनाना बंद है, क्योंकि समूह के रसोइयों ने उस थोड़े से मासिक पैसे के लिए खाना बनाने से मना कर दिया है। नतीजा यह है कि स्कूली बच्चों को एक माह से अधिक समय हो जाने के बाद भी स्कूल आने के बाद भी खाना नहीं मिल रहा है। स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने रसोइयों के आवंटन में कटौती के विरोध में आज विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पूर्व में दिए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की। दोनों विद्यालयों के शिक्षकों की मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शिक्षकों ने सभी पक्षों से चर्चा कर शीघ्र समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
Published on:
20 Mar 2023 11:18 pm
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