
कांग्रेस आलाकमान पर भडक़ीं सांसद मौसम नूर
-कहा, पंचायत चुनाव में नहीं दिखाई रूचि
कोलकाता.
कांग्रेस सांसद मौसम बेनजीर नूर ने पंचायत चुनाव में पार्टी को सोचनीय पराजय के लिए आलाकमान को दोषी ठहराया है। पार्टी का गढ़ माना जाने वाला मालदह और मुर्शिदाबाद में करारी हार को उन्होंने सीख करार दिया है। उल्लेखनीय है कि कभी पार्टी के कब्जे में रहा मुर्शिदाबाद व मालदह जिला परिषद में उसे केवल दो-दो सीटों पर सफलता हासिल हुई है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व पंचायत चुनाव के प्रति उदासीनता दिखाई है। जबकि भाजपा के स्टार प्रचारकों ने जमकर चुनाव प्रचार किया था। राज्य में अकेले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद अधीर रंजन चौधरी समेत कुछ स्थानीय नेता ही प्रचार का बागडोर संभाले थे। सांसद नूर ने कहा कि सत्तारूढ़ दल की धांधली और फर्जी मतदान के आगे कांग्रेस हारी है। तृणमूल कांग्रेस ने उनके कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमे में फंसाया था। इस भय से कार्यकर्ता चुनाव के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाए। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने माकपा से गठजोड़ किया था। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए थे। पंचायत चुनाव के वक्त पार्टी आलाकमान ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की। मालदह के चुनाव नतीजे को पार्टी नेतृत्व के प्रति सबक करार देते हुए सांसद मौसम नूर ने कहा कि पार्टी आलाकमान को इस दिशा में नजर रखने की जरूरत है।
भगवा का उदय चिंताजनक-
सांसद मौसम नूर ने कहा कि जिले में कभी कांग्रेस की तूती बोलती थी। जबकि पंचायत चुनाव में वह दूसरे नम्बर पर भी नहीं रह सकी। उन्होंने जिले में भगवा का जनाधार बढऩे पर ङ्क्षचता जताई है। इसके लिए मौसम ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच गुप्त समझौता को कारण बताया है। सांसद ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने बंगाल के नेताओं की शिकायतों को तरजीह नहीं दी। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस उनके पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर निशाना साध रही है। पंचायत चुनाव में उन्हें नामांकन से रोका जा रहा है। फिर भी कांग्रेस नेतृत्व ने कोई तवज्जो नहीं दी।
Published on:
18 May 2018 10:39 pm
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