
कोलकाता.जीडी बिड़ला और एमपी बिड़ला दोनों स्कूलों में मासूम छात्राओं के साथ हुए यौन उत्पीडऩ से भडक़े कोलकाता के लोगों ने रविवार को जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन किया। टालीगंज ट्राम डीपो के पास लोगों ने लगभग साढ़े चार घंटे तक सडक़ पर बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इधर जीडी बिड़ला स्कूल के गेट के सामने भी अभिभावकों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
चार साल की मासूम छात्रा के यौन उत्पीड़ की घटना के बाद मचे हंगामे को लेकर जीडी बिड़ला स्कूल को अनिश्चित काल के लिए बंद करने के प्रबंधन के फैसले से भी अभिभावक नाराज हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की गलतियों और लापरवाही से एक छात्रा की जिन्दगी बर्बाद हो गई, अब स्कूल बंद कर प्रबंधन बाकी छात्र-छात्राओं का भविष्य भी बर्बाद करने का प्रयास कर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि प्रबंधन को स्कूल नहीं बंद करके स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए।
इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि स्कूल प्रबंधन ने सोमवार से अनिश्चित काल के लिए स्कूल बंद करने की घोषणा की है। इस बावत स्कूल गेट पर नोटिस भी चस्पा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को जीडी बिड़ला स्कूल में दो शिक्षकों ने चार साल की एक मासूम बच्ची को शौचालय में ले जाकर उसका यौन उत्पीडऩ किया था।
इस घिनौनी कृत्य से मासूम बच्ची के पर्सनल पाट्र्स से रक्तस्राव हो रहा था। जिससे बच्ची बीमार पड़ गई थी। अभी भी वह अस्पताल में भर्ती है। इसी तरह की एक घटना तीन माह पहले एमपी बिड़ला स्कूल में हुई थी। जीडी बिड़ला स्कूल की घटना सार्वजनिक होने के बाद शनिवार को उक्त बच्ची के परिजनों ने मीडिया के समक्ष घटना का खुलासा किया था।
प्रिंसिपल के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
जीडी बिड़ला स्कूल में यौन उत्पीडऩ की शिकार हुई मासूम छात्रा के परिजनों ने रविवार को स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला नाथ के खिलाफ जादवपुर थाने में पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड विधान की धारा ४२०/२०१/१२०बी एवं पोक्सो एक्ट की धारा-२१ के तहत मामला दर्ज किया।
जादवपुर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। मालूम हो इस घटना से संबंधित दर्ज प्रथम मामले को कोलकाता की खुफिया पुलिस देख रही है, इसलिए प्रिंसिपल के खिलाफ दर्ज किए गए मामले को भी खुफिया पुलिस अपने अधीन ले सकती है। पीडि़त बच्ची के परिजनों के साथ ही अन्य छात्राओं के अभिभावक घटना के प्रकाश में आने के बाद से ही प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे।
Published on:
04 Dec 2017 10:04 pm
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