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मौसी के घर से लौटे जगन्नाथ

पारम्परिक तरीके से उल्टारथ का पर्व महानगर समेत राज्यभर में धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ

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Paritosh Dubey

Jul 26, 2015

rathyatra

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कोलकाता.
पारम्परिक तरीके से उल्टारथ का पर्व महानगर समेत राज्यभर में धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। सात दिन तक मौसी के घर में रहे जगन्नाथ, बलराम, सुभद्रा की सवारी विभिन्न रास्तों से गुजरते हुई अपने धाम पहुंची। जगन्नाथ के परिवार की पूजा अर्चना करने और उनकी अगुवानी के लिए झूमते-गाते और नाचते भक्तों की कतार भी दिखी। इस्कॉन की ओर से भी ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित रथ पूजा की वापसी यात्रा निकली। गणमान्य लोगों के बीच रथ को खींचने और उसके साथ ही लोगों का हूजुम उमड़ पड़ा था। महानगर के रास्तों पर विदेशी भक्तों की भीड़ भी रही जो भगवान के जय गान के साथ झूमती थिरकती रही।
लोगों न खूब खाया पापड़
नियम के अनुसार रथ पूजा के समय बारिश की पारम्परिकता के बाद भी रविवार का मौसम ठीक रहा। ऐसे में लोगों ने पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया। जगह-जगह तले जा रहे पापड़, पकोड़े खाए। बच्चों भी रथ खींचा। रास्ते में उत्सव जैसा माहौल था। निमय के मुताबिक भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के साथ मौसी के घर जाते है और वहां बीमार पड़ जाते है। स्वास्थ्य के लिए बाहर रहने के बाद भगवान उल्टा रथ के दिन अपने स्थान पर लौट जाते है।