पारम्परिक तरीके से उल्टारथ का पर्व महानगर समेत राज्यभर में धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। सात दिन तक मौसी के घर में रहे जगन्नाथ, बलराम, सुभद्रा की सवारी विभिन्न रास्तों से गुजरते हुई अपने धाम पहुंची। जगन्नाथ के परिवार की पूजा अर्चना करने और उनकी अगुवानी के लिए झूमते-गाते और नाचते भक्तों की कतार भी दिखी। इस्कॉन की ओर से भी ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित रथ पूजा की वापसी यात्रा निकली। गणमान्य लोगों के बीच रथ को खींचने और उसके साथ ही लोगों का हूजुम उमड़ पड़ा था। महानगर के रास्तों पर विदेशी भक्तों की भीड़ भी रही जो भगवान के जय गान के साथ झूमती थिरकती रही।