
कोलकाता. भारतीय जल सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली भारतीय नौसेना की शुरुआत वैसे तो 5 सितंबर, 1612 को ही हो गई थी, जब ईस्ट इंडिया कंपनी के युद्धपोतों का पहला बेड़ा सूरत बंदरगाह पर पहुंचा और 1934 में रॉयल इंडियन नेवी की स्थापना हुई। लेकिन हर साल 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाए जाने का मुख्य कारण इसका गौरवशाली इतिहास है।
भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास 1971 के ऐतिहासिक भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ा है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान पर न केवल विजय हासिल की, बल्कि पूर्वी पाकिस्तान को आजाद कराकर स्वायत्त देश बांग्लादेश का दर्जा दिलाया। भारतीय नौसेना अपने इसी गौरवमयी इतिहास की याद में हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाती है। करीब 55 हजार नौसैनिकों से लैस विश्व की 5वीं सबसे बड़ी नौसेना भारतीय नौसेना अपने गौरवशाली इतिहास के साथ भारतीय सीमा सुरक्षा को प्रमुखता से निभाते हुए लगातार आधुनिकीकरण से प्रमुख शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।
3 दिसंबर को भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में पाक सेना के खिलाफ जंग की शुरुआत कर चुकी थी। ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत 4 दिसंबर, 1971 को भारतीय नौसेना ने कराची नौसैनिक अड्डे पर धावा बोला।
7 दिन-7 रात तक नहीं बुझी थी आग : कराची तेल डिपो में लगी आग की लपटें 60 किलोमीटर दूर से देखी गई थीं। कराची तेल डिपो में लगी आग 7 दिन और 7 रात तक नहीं बुझाई जा सकी थी। यह आज तक एक रिकॉर्ड है। इस यु्द्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटीशिप मिसाइल से हमला किया गया था। नौसेना ने पाकिस्तान के 3 जहाज ध्वस्त कर डाले। हालांकि इस दौरान भारतीय नौसेना का आईएनएस खुकरी भी पानी में डूब गया था।
नौसेना प्रमुख एडमिरल एसएम नंदा के नेतृत्व में ऑपरेशन ट्राइडेंट का प्लान बना था। 4 दिसंबर, 1971 को नौसेना ने कराची स्थित पाकिस्तान नौसेना मुख्यालय पर हमला कर एम्यूनिशन सप्लाई शिप सहित कई जहाज नेस्तनाबूद कर दिए। इस दौरान पाक के ऑयल टैंकर भी तबाह हो गए। ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत सभी बोट्स 4-4 मिसाइलों से लैस थीं।
पहला नाम रॉयल इंडियन नेवी : भारतीय नौसेना की स्थापना 1830 में ब्रिटिश शासन काल के समय हुुई थी, जिसका पहला नाम रॉयल इंडियन नेवी था। भारतीय नौसेना ने पहली कार्रवाई 1961 में पुर्तगाल नेवी के खिलाफ की थी। देश से बाहर जाकर कई सफल ऑपरेशन करने के साथ विश्व की पहली ऐसी नौसेना है, जिसने एवरेस्ट चोटी को छुआ।
कोलकाता में गार्डनरीच वर्कशॉप : अपने स्वयं के पोत निर्माण की दिशा में आरंभिक कदम उठाते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने मुंबई के मजगांव बंदरगाह को 1960 और कोलकाता के गार्डनरीच वर्कशॉप (जीआरएसई) को अपने अधिकार में लिया है। वर्तमान में भारतीय नौसेना का मुख्यालय नई दिल्ली में है और यह मुख्य नौसेना अधिकारी एडमिरल के नियंत्रण में है। भारतीय नौसेना 3 क्षेत्रों की कमान (पश्चिम में मुंबई, पूर्व में विशाखापत्तनम और दक्षिण में कोच्चि) के तहत तैनात है, जिसमें प्रत्येक का नियंत्रण एक फ्लैग अधिकारी के हाथ है।
Published on:
04 Dec 2017 12:41 am
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