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पूर्वांचल सभा की सात ज्ञानशालाओं के वार्षिक उत्सव का सफल आयोजन

ज्ञानशाला के प्रभारी प्रवीण पगारिया एवं ज्ञानशाला की सारी प्रशिक्षिकाओं के कुशल नेतृत्व से यह प्रोग्राम अविरल 3 घंटों तक चलता रहा। ज्ञानशाला की सारी प्रशिक्षिकाएं लगातार 15 दिन से इस प्रोग्राम की तैयारी में लगी हुई थी।

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पूर्वांचल सभा की सात ज्ञानशालाओं के वार्षिक उत्सव का सफल आयोजन

कोलकाता . कोलकाता की पूर्वांचल सभा की सात ज्ञानशालाओं का वार्षिक उत्सव बीका बैंक्वेट हॉल में आयोजित हुआ। सर्वप्रथम नमस्कार महामंत्र का उच्चारण हुआ। अध्यक्ष संजय सिंघी ने सभी का स्वागत किया। साथ ही पूर्वांचल में एक और निजी भवन बनाने की घोषणा की गई। ज्ञानशाला के प्रभारी प्रवीण पगारिया एवं ज्ञानशाला की सारी प्रशिक्षिकाओं के कुशल नेतृत्व से यह प्रोग्राम अविरल 3 घंटों तक चलता रहा। ज्ञानशाला की सारी प्रशिक्षिकाएं लगातार 15 दिन से इस प्रोग्राम की तैयारी में लगी हुई थी। ज्ञानशाला के साभी भावी बच्चों के साथ ज्ञानशाला का वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। पूरे पूर्वोत्तर की प्रभारी डॉक्टर प्रेम चोरडिय़ा का सम्मान किया गया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा, ज्ञानशाला हमारे नन्हे बच्चों की फुलवारी है । इसमें आकर बच्चे सुसंस्कारी बनते हैं । सर्वप्रथम साल्टलेक के बच्चों ने नृत्य के माध्यम से नमस्कार महामंत्र की प्रस्तुति दी और महावीर के संदेश-क्षमा को दर्शाया। बच्चों की वेशभूषा शालीन थी। द्वितीय प्रस्तुति लेक टाउन ज्ञानशाला के बच्चो ने की। जो बच्चे नियमित ज्ञानशाला में आ रहे थे, उनकी प्रेरणा से, जो बच्चे ज्ञानशाला में नहीं आ रहे थे, वे भी आना प्रारंभ कर दिए। तीसरी प्रस्तुति बागुड़ ज्ञानशाला ने मैना सुंदरी कर्मवाद नाटक पर आधारित दी। पूर्वांचल ज्ञानशाला की प्रभारी गुलाब चौरडिय़ा ने सभी पधारे हुए मेहमानों का स्वागत किया और अपना वक्तव्य रखा। बागुईहाटी ज्ञानशाला ने सामायिक पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने दर्शाया सामायिक हो तो पूर्णिया श्रावक जैसी। दमदम ज्ञानशाला ने आचार्यश्री महाप्रज्ञ के बचपन की तेली द्वारा दी गई घटनाओं को प्रस्तुत किया। शिशु संस्कार बोध के भाग 1-2-3-4-5 के प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले प्रत्येक बच्चे को पुरस्कृत किया एवं सभी बच्चों को भी उपहार दिया गया। ज्ञानशाला के प्रशिक्षकों का सम्मान हुआ। इस प्रकार यह प्रोग्राम संस्कार निर्माण के लिए, भावी बच्चों को प्रेरणा देने के लिए , सफल से सफलतम रहा। प्रोग्राम में सभी उम्र के व्यक्तियों व छोटे बच्चों सहित लगभग 450 लोगों की उपस्थिति थी। इसकी जानकारी सरला गंग ने दी।