
कोलकाता . चुनाव आयोग ने निसिथ प्रमाणिक की शिकायत पर मतदान के दिन उदयन गुहा की गतिविधि पर नियंत्रण रखने का निर्देश दिया है। उदयन गुहा को निर्देश दिया है कि मतदान के दौरान वे अपने क्षेत्र में ही रहें।
दिनहाटा के तृणमूल विधायक उदयन गुहा उत्तर बंगाल विकास मंत्री भी हैं। वहीं, कूचबिहार से भाजपा उम्मीदवार निसिथ प्रमाणिक भी दिनहाटा के वेटागुड़ी के रहने वाले हैं। इस बार मतदान के दौरान निसिथ और उदयन सडक़ पर एक-दूसरे के आमने-सामने उतर आए थे और भिड़ गए थे। इस बार भी कूचबिहार चुनाव का फोकस निस्संदेह दिनहाटा पर है। दोनों खेमों ने एक दूसरे पर हिंसा भडक़ाने का आरोप लगाया है। इनमें से केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा प्रत्याशी निसिथ प्रमाणिक ने उदयन गुहार के आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए आयोग को पत्र भेजा था। तब आयोग ने निसिथ प्रमाणिक के आवेदन का व्यवहारिक रूप से जवाब दिया।
उदयन गुहा ने बताया कि मुझे कोई ऑर्डर नहीं मिला है। मुझे आयोग द्वारा पहले चेतावनी नहीं दी गई थी। भाजपा उम्मीदवार ने अनुरोध किया और आयोग ने जवाब दिया। मेरा आयोग से अनुरोध है कि अब मेरे और निसिथ प्रमाणिक के घर की तलाशी केंद्र और राज्य पुलिस द्वारा करायी जाये। मैं इसे स्वेच्छा से पेश करता हूं।
आयोग को लिखे पत्र में निसिथ ने लिखा, 'आप जानते हैं कि सारी परेशानी उदयन गुहा के कारण हो रही है। आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रशासन की अनुमति से जुलूस के दौरान दो बार मुझ पर हमला किया गया।' इसी सिलसिले में उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में अशांति का मुद्दा उठाया। उन्होंने लिखा कि चुनाव बाद 'हिंसा' पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में उदयन गुहा का नाम था। उनके नफरत भरे भाषण को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं और उदयन गुहा तृणमूल समर्थित उपद्रवियों को हिंसा के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा, 'वह तृणमूल समर्थित उपद्रवियों के बीच नफरत फैलाने वाली बातें कहने के लिए मशहूर हैं।' उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने दिनहाटा में तानाशाही कायम कर दी है। यदि मतदान के दौरान उनकी गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराना मुश्किल है।
उदयन ने कहा, 'दरअसल, उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। यह समझकर अब ये सब बेबुनियाद शिकायतें कर रहे हैं।' उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उन्हें नजरबंद कर दिया जाए तो वोट के नतीजे से पता चल जाएगा कि कितना धान कितना चावल है। हालाँकि, आयोग ने उदयन गुहा की गतिविधि को नियंत्रित किया है। इस बीच पिछले दिनों बीरभूम के बेताज बादशाह अणुव्रत मंडल के आंदोलन को आयोग ने इस तरह व्यावहारिक रूप से नियंत्रित किया था।
Updated on:
18 Apr 2024 07:19 pm
Published on:
18 Apr 2024 07:18 pm
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