पड़ोसी का दरवाज़ा खटखटाकर होले से पूछना - भाई साहब भर्ती सिलेंडर है क्या, बुकिंग कराया हुआ है, डिलीवरी आने पर लौटा देंगे सिर्फ़ एक सवाल नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों की गर्माहट का प्रमाण है। इस संकट ने दिखा दिया है कि कठिन समय में समाज की असली ताक़त आपसी सहयोग और विश्वास में निहित है। यह वाक्य आज मोहल्लों में गूंज रहा है और लोगों के बीच आपसी विश्वास को और मजबूत कर रहा है। कुछ स्थानों पर बुज़ुर्ग पड़ोसियों के लिए सिलेंडर का इंतज़ाम करने में युवाओं के आगे आने की भी जानकारी मिल रही हैं।