
एक दूकान के बाहर रखे खाली सिलेंडर
कठिन समय में भरोसे की मिसाल
कोलकाता. गैस सिलेंडर की वर्तमान स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। जहाँ पहले गैस सिलेंडर केवल घरेलू जरूरत का हिस्सा था, वहीं अब यह सामुदायिक सहयोग का प्रतीक बन गया है। केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित रहने वाले पड़ोसी अब सिलेंडर के बहाने नजदीक आ गए। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें और बुकिंग की अनिश्चितता ने लोगों को परेशान किया है, लेकिन इस परेशानी के बीच रिश्तों की नई परिभाषा भी लिखी जा रही है जहां रसोई की जरुरत लोगों को एक-दूसरे के और करीब ला रही है।
पड़ोसी का दरवाज़ा खटखटाकर होले से पूछना - भाई साहब भर्ती सिलेंडर है क्या, बुकिंग कराया हुआ है, डिलीवरी आने पर लौटा देंगे सिर्फ़ एक सवाल नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों की गर्माहट का प्रमाण है। इस संकट ने दिखा दिया है कि कठिन समय में समाज की असली ताक़त आपसी सहयोग और विश्वास में निहित है। यह वाक्य आज मोहल्लों में गूंज रहा है और लोगों के बीच आपसी विश्वास को और मजबूत कर रहा है। कुछ स्थानों पर बुज़ुर्ग पड़ोसियों के लिए सिलेंडर का इंतज़ाम करने में युवाओं के आगे आने की भी जानकारी मिल रही हैं।
गृहणी अंशिका बोहरा ने कहा कि आज जब पड़ोसी से भर्ती सिलेंडर के विषय में पूछते हैं तो यह केवल गैस की कमी का समाधान नहीं, बल्कि भरोसे की नई परंपरा की शुरुआत है। यह बदलाव बताता है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, सामुदायिक सहयोग से उसका सामना किया जा सकता है। यह परंपरा आने वाले समय में भी समाज को जोड़ने का काम करेगी।
मिठाई व्यापारियों के संघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई न होने के कारण मिठाई की दुकानों और खाने के होटलों में पैदा हुई समस्या को लेकर मिठाई व्यापारियों के संघ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिख कर जल्द समाधान की अपील की है। उनका कहना है कि पूरे पश्चिम बंगाल के मामले में, यह संख्या लगभग करोड़ों से अधिक होगी। इनसे कई लाख लोगों की दैनिक आय जुड़ी हुई है। अगर जल्दी कोई समाधान नहीं निकालता है तो दुकानें एक-दो दिन में बंद करनी पड़ेंगी जिससे बहुत नुकसान होगा। हालांकि, गैस डिस्ट्रीब्यूटर अभी तक यह वादा नहीं कर पाए हैं कि हालात कब नॉर्मल होंगे। ऐसे में मिठाई व्यापारी असल में इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि कब रेगुलर गैस सिलेंडर फिर से मिलेंगे। होटल के मालिकों का कहना है कि गैस सिलेंडर की किल्लत से अब होटल बंद करने की नौबत आ गयी है।
ईबी ने किया एलपीजी गोदामों में अचानक निरीक्षण
एलपीजी आपूर्ति की चिंताओं के बीच, प्रवर्तन शाखा (ईबी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को कोलकाता के कई गैस गोदामों में अचानक निरीक्षण किए। यह निरीक्षण वितरण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए किए गए थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वितरकों से सवाल किए और कई गोदामों में स्टॉक स्तरों की जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सामान्य उपभोक्ताओं को घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति में कोई बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा कि होटलों और रेस्तरां को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्यिक गैस वितरण में इस विघटन के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
Published on:
14 Mar 2026 12:47 pm
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