भाजपा नेता ने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे उच्च स्तर की विभाजनकारी राजनीति का प्रदर्शन किया है। टीएमसी जो राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, वह एलपीजी से संबंधित है, जबकि केंद्र सरकार पहले ही इसके लिए दिशा-निर्देश दे चुकी है। राज्य की जनता जानती है कि मध्य-पूर्व में क्या हो रहा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही कहा था कि प्रधानमंत्री ने कूटनीतिक तरीके से एक वैकल्पिक रास्ता निकाला है, जिसके माध्यम से पेट्रोलियम और गैस भारत लाए जाएंगे। उन्होंने राज्य में आलू उत्पादकों की खराब स्थिति की आलोचना की और कहा कि राज्य में आलू उत्पादक लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री कह रही हैं कि किसानों को तीन गुना भुगतान बढ़ा दिया गया है। अगर स्थिति ऐसी है तो क्यों गांव-गांव में पुरुषों की कमी हो रही है?