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पश्चिम बंगाल में आदिवासियों ने जगह-जगह ट्रेन, सडक़ रोकी

- पश्चिम मिदनापुर के बेलदा और डेबरा में तोडफ़ोड़, आगजनी - हलकान हुए लोग- आदिवासी संगठन भारत जकात माझी परगना महल

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Kolkata West Bengal

आदिवासियों ने जगह-जगह ट्रेन, सडक़ रोकी

कोलकाता

आदिवासियों के रेल रोको आंदोलन से सोमवार को पश्चिम बंगाल में दक्षिण पूर्व रेलवे की ट्रेन सेवा चरमरा गई। आंदोलन के दौरान पश्चिम मिदनापुर जिले के बेलदा और डेबरा स्टेशन में मारपीट और तोडफ़ोड़ भी की गई। बेलदा स्टेशन में आंदोलनकारियों ने स्टेशन मास्टर के पैनल रूम में तोडफ़ोड़ की। स्टेशन के बाहर खड़े वाहन में आग लगा दी। डेबरा में बीडीओ के चालक के साथ मारपीट की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हिंसा और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कई जनों को गिरफ्तार किया गया है। इधर हावड़ा स्टेशन में भी ट्रेन सेवा सुचारू नहीं होने को लेकर यात्रियों ने हंगामा किया। आदिवासी संगठन भारत जकात माझी परगना महल की ओर से शिक्षा व समाज में समान अधिकार सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में सोमवार की सुबह राज्यभर में रेल रोकी गई। सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन किया गया। इस वजह से दक्षिण पूर्व और पूर्व रेलवे की 75 से ज्यादा रेलगाडि़यों का आवागमन अवरुद्ध हो गया। कई राष्ट्रीय राजमार्ग भी अवरोध का शिकार बने। पूर्व घोषित आंदोलन से निपटने के लिए संवेदनशील जगहों पर पुलिसबल तैनात रहा। कहीं से किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला है।

झाडग़्राम :

झाडग़्राम में सुबह से ही सडक़ अवरोध शुरू हो गया। झाडग़्राम में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-६, रेल अवरोध किया। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी लाठी- डंडे व पारंपरिक हथियार लेकर सडक़ पर उतर आए। संगठन के रॉबिन टुडू ने कहा कि कई बार सरकार से समाज की मांगों की सूची सौंपी थी। कोई कदम नहीं उठाया गया। जब तक सरकार हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करेगी, तब तक हमारा आंदोलन चलेगा।

दक्षिण दिनाजपुर :

जिले में प्रदर्शनकारी सुबह ६ बजे से ही धनुष- तीर, भाले लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग 51 पर उतरे। लंबी दूरी की बसें,वाहन जाम में फंस गए। पुरुलिया एक्सप्रेस विष्णुपुर में अटकी रही। बालूरघाट, गंगारामपुर सहित आस पास के इलाके में सशस्त्र आदिवासियों ने सरकार के प्रति गुस्सा जाहिर किया। परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस तैनात की गई थी।पुरुलिया : पुरुलिया के राष्ट्रीय राज मार्ग 5 पर सोमवार की सुबह आदिवासियों ने सडक़ अवरोध कर प्रदर्शन किया। अवरोध के कारण सडक़ के दोनों किनारों पर कई यात्री बसें और मालवाहक कारें खड़ी हो गईं। हालांकि, पुरुलिया जिले में कहीं भी रेलवे अवरोध नहीं था। बर्दवान की स्मृति, मंतेश्वर में यातायात रोका गया।

बीरभूम :

मोहम्मदबाजार में जयपुर के पास 60 नं राष्ट्रीय राजमार्ग रोककर सडक़ अवरोध किया गया। जिसके कारण यात्री बसें, लॉरी, ट्रक सडक़ के दोनों किनारों पर खड़े रहे। परिस्थिति नियंत्रण के लिए घटनास्थल पर पुलिस पहुंची। दूसरी ओर हावड़ा डिवीजन की साहिबगंज शाखा में भी अवरोध किया गया, परिणामस्वरूप सांईथिया में कविगुरु एक्सप्रेस व कंचनजंधा एक्सप्रेस थमी रही। इस शाखा में लगभग 1घंटे तक अवरोध चला।

हुगली : संगठन के गोघाट शाखा सदस्यों ने कामारपुकुर के पास सडक़ अवरोध किया। जिसके कारण पड़ोसवर्ती 4 जिलों से संपर्क बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए आरामबाग एसडीपीओ और अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे व प्रदर्शनकारियों को हटाया।

उत्तर दिनाजपुर :

रायगंज, सिलीगुड़ी को जोडऩे वाले 34 और 10 नं राष्ट्रीय राजमार्ग पर अदिवासियों ने सडक़ अवरोध किया। रायगंज पुलिस थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। जकात समुदाय के नेता बापी सोरेन नेकहा कि वे समुदाय और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार उन्हें सार्वजनिक अवसरों से वंचित कर रही है।

पूर्व मिदनापुर :

पूर्व मिदनापुर के कई इलाकों में आदिवासियों ने सडक़ अवरोध किया। जकात के नेता डॉ सुरेंद्रनाथ माडी और आलोक बेसरा ने कहा कि यह अवरोध वंचित लोगों के लिए है। हमारे समुदाय का अधिकार कम हो जा रहा है।

पश्चिम मिदनापुर :

खडग़पुर, घाटाल चंद्रकोना, सालबनी, केसपुर, डेबरा सहित आस पास के क्षेत्रों में सडक़ अवरोध हुआ। जिले के कई स्टेशनों पर टे्रन सेवा प्रभावित रही।