1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा से मुकाबले को तृणमूल की नई रणनीति

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तथा भाजपा में बेहद दिलचस्प मुकाबला चल रहा है। एक दूसरे को मात देने के लिए दोनों पार्टियां गंभीरता से रणनीति बना रही हैं तथा इसे अमली जामा पहनाने के लिए सारी तैयारियां की जा रही हैं। राज्य में 107 नगरपालिका और कोलकाता नगर निगम के चुनाव को 2021 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है

2 min read
Google source verification
भाजपा से मुकाबले को तृणमूल की नई रणनीति

भाजपा से मुकाबले को तृणमूल की नई रणनीति

कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तथा भाजपा में बेहद दिलचस्प मुकाबला चल रहा है। एक दूसरे को मात देने के लिए दोनों पार्टियां गंभीरता से रणनीति बना रही हैं तथा इसे अमली जामा पहनाने के लिए सारी तैयारियां की जा रही हैं। राज्य में 107 नगरपालिका और कोलकाता नगर निगम के चुनाव को 2021 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है। राज्य में अगले साल होने वाले निकाय चुनाव से पहले भाजपा जहां कथित हिंदुत्व एजेंडे पर काम कर रही है तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने इससे मुकाबले के लिए मशहूर बंगाली हस्तियों की प्रतिमाएं लगाने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि इससे धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता के संदेश का प्रचार होगा।
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमने बंगाल की महान हस्तियों की प्रतिमाएं राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सदियों से धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता का प्रचार किया है। उनके संदेश प्रतिमाओं के नीचे पट्टी पर लिखे जाएंगे।
--
बोस से लेकर सत्‍यजीत रे तक की प्रतिमाएं
नेताजी सुभाष चंद्र बोस से लेकर रवीन्द्रनाथ टैगोर, रामकृष्ण परमहंस से लेकर स्वामी विवेकानंद तक और राजा राममोहन राय से लेकर ईश्वर चंद्र विद्यासागर तक की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। इनके अलावा उत्तम कुमार, सत्यजीत रे और ऋत्विक घटक जैसी फिल्मी हस्तियां और गोष्ठ पाल और सैलेन मन्ना जैसे फुटबॉल खिलाडिय़ों की प्रतिमाएं भी शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाई जाएंगी।
--
मकसद भाजपा को जवाब देना
इन प्रतिमाओं को लगाने का लक्ष्य भाजपा के आक्रामक हिंदुत्व एजेंडेÓ का जवाब देना है। तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं कोलकाता नगर निगम के उप मेयर अतीन घोष ने कहा कि यह हमारे सौंदर्यीकरण अभियान का हिस्सा है लेकिन साथ ही हम धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक सुधार और समावेशिता के संदेश का प्रचार भी करना चाहते हैं, जिनका राज्य की इन महान हस्तियों ने प्रचार किया और उसके साथ खड़े रहे। अब समय आ गया है कि हम उनकी दी शिक्षा को याद करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलें।
--
20 से 30 लाख का खर्च
उन्होंने आरोप लगाया कि इस साल मई में भाजपा समर्थकों ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी थी। यह उनकी बंगाल विरोधी भावना और हमारी महान हस्तियों के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है। पार्टी नेता ने कहा कि इस अभियान में 20 से 30 लाख रुपए का खर्च आएगा। इस राशि को तृणमूल नेताओं ने जनता से क्राउड फंडिंग के जरिए जुटाया है।