
इन अन्नदाताओं को आजतक नहीं मिला एटीएम कार्ड, लेकिन खाते से आहरित हो रही राशि, जानिए क्या है पूरा मामला
कोण्डागांव/विश्रामपुरी. विकासखण्ड बड़ेराजपुर के अन्तर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बांसकोट के किसानों के नाम का एटीएम बनाकर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस चौकी बांसकोट में इसकी किसानों ने लिखित शिकायत भी की है। किसानों की माने तो उनके नाम पर आज तक कोई एटीएम ही नहीं बना है और बना भी होगा तो उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। किसानों ने लेम्पस प्रभारी प्रबंधक जसराज एवं उनके सहयोगियों द्वारा कुटरचित दस्तावेज तैयार कर किसानों के नाम पर एटीएम कार्ड जिला सहकारी बैंक विश्रापुरी से जारी करवा कर अपने पास रख लिया है। और हमारे नाम के एटीएम का उपयोग करके राशि आहरण करने की बात पीडि़त किसानों ने कही है। हांलाकि पुलिस ने किसानों की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए कम्प्युटर आपरेटर जैतन शोरी को गिरफतार कर उनके उपर 409,420 का मामला दर्जकर जांच में जुटी हुई है। ग्रामीणों की माने तो इस पूरे मामले में लैम्पस प्रबंधक की संलिप्ता से इंनकार नहीं किया जा सकता।
किसान ने एटीएम मिला ही नही
पीडि़त किसान पीलूराम मरकाम ने बताया कि, उसने 31 जनवरी को 59.60 क्विंटल धान बेचा था। जिसकी राशि जिला सहकारी बैंक विश्रामपुरी के खाता क्रमांक-605010037461 में जमा हुआ था। मैं अपने खाते से पहली बार 30000 रूप्ये निकाला और दुबारा फिर पैसा निकालने बैंक विश्रामपुरी गया तो मेरे खाते में केशियर द्वारा रकम कम होना बताते हुए एटीएम से रकम निकालने की बात कही। जबकि मेरे नाम से मेरे पास कोई भी एटीएम कार्ड नहीं है। मेरे नाम का एटीएम कार्ड का उपयोग लैम्पस प्रभारी प्रबंधक बांसकोट एवं उनके सहयोगियों के द्वारा किया जा रहा है। उसने बताया किए एटीएम के मेरे खाते से तीन से चार दफे राषि का आहरण होना बताया जा रहा हैए जबकि यह मेरी जानकारी में है ही नही।
वहीं ठगी होकर कोस रहे सिस्टम को
किसान पंडीराम मरकाम पिता डूसीराम मरकाम निवासी राहटीपारा बताया कि, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बांसकोट में जनवरी में धान बेचा था। जिसका रकम मेरे जिला सहकारी बैंक विश्रामपुरी के खाता क्रमांक 605010002904 में जमा हुआ। और जब मैं अपने खाते की पास बुक एंट्री कराने गया तो मै एंट्री के बाद परेशान हो गया किए मेरी जानकारी के बगैर राशि खाते से कैसे कम हो गई। जिस पर मैने केशियर से संपर्क किया तब जाकर मुझे ज्ञात हुआ कि, किसी ने मेरे एटीएम कार्ड का उपयोग करते हुए राशि जमा होते ही निकाल लिया है। किसान ने बताया किए आज तक मेरे नाम का कोई भी एटीएम कार्ड बना ही नहीं हैं तो राशि कैसे निकाल सकते है। मेरी जानकारी के मुताबिक मेरे नाम का एटीएम लैम्पस प्रभारी प्रबंधक बांसकोट एवं उनके सहयोगियों के द्वारा किया जा रहा है। जिससे मैं आदिवासी किसान ठगी का शिकार हुआ हॅू।
मुझे इसकी लिखित तो नहीं लेकिन मौखिक सूचना मिली है, इस संबंध में बा्रंच स्तर से राशि आहरित होने के संबंध में जानकारी मिल पाएगी।
मो. फैज, प्रबंधक जिला सहाकारी बैक
शिकायत के बाद एक आरेपी को गिरफ्तार कर जांच कार्यवाही की जा रही है।
देवेंद्र दर्रो, थाना प्रभारी विश्रामपुरी
Published on:
16 Mar 2020 04:37 pm
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