
CG News: कोण्डागांव जिले में हो सहकारी समितियों के माध्यम से हो रही धान की खरीदी पहली जनवरी यानी बुधवार से जिले में समिति प्रबंधकों ने रोक दी। दरअसल समिति प्रबंधको ने तकरीबन सप्ताहभर पहले ही प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि धान की खरीदी बफर लिमिट से कई गुना ज्यादा हो चुकी है, लेकिन इसके एवज में उठाव नाम मात्र है। जिसके चलते खरीदी केंद्रो में जगह नहीं है। यहां कई तरह की समस्याओं का समाना करना पड़ रहा है। लेकिन अल्टीमेंटम के बाद भी प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
जिसके चलते समिति प्रबंधकों ने धान की खरीदी पर अस्थाई रोक लगा दी। इनकी मांग है कि, खरीदी के साथ ही उठाव भी समय रहते होना चाहिए, जिससे समति के साथ ही उपाजर्न केंद्र में आने वाले किसानों को भी सुविधा मिल सके। बताया जा रहा है कि 66 केंद्रो में बुधवार को 76570 क्विंटल धान की खरीदी होनी थी जिसके लिए 1226 किसानों ने टोकन कटाया था।
ज्ञात हो कि जिले में अब तक तकरीबन 18 लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। वहीं उठाव की स्थिति चार लाख क्विंटल ही हो पाया है। बताया जा रहा है कि उठाव के लिए टीओ व डीओ लगभग 8 लाख क्विंटल का कटा हुआ है लेकिन उठाव नहीं हो पा रहा है। यही समस्या का मुख्य कारण बना हुआ है। हालांकि फिलहाल समिति प्रबंधकों के साथ अधिकारियों की बैठकों का दौर जारी है।
CG News: खरीदी बंद होने से इलाके के किसान बड़ी संख्या में कलेक्टर से बुधवार की सुबह ही मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि हमारा टोकन आज का कट चुका है। केंद्रों में खरीदी बंद कर दी गई है। जिससे उन्हें मानसिक व आथिर्करूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने यह भी कहा कि यदि खरीदी नहीं करनी थी तो आज का टोकन नहीं काटा जाना चाहिए था। इससे हमें लेबर और वाहन का भाड़ा जबरदस्ती देना पड़ रहा है। हालांकि किसानों के कलेक्टर से मिलने के बाद आनन-फाफन में जिले के 67 खरीदी केंद्रो में से जानकारी के मुताबिक 12 केंद्र ही खुल पाए जहां खरीदी की गई।
Updated on:
02 Jan 2025 01:39 pm
Published on:
02 Jan 2025 01:39 pm
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