
सखी सेंटर से नाबालिग के फरार होने पर बिफरे पिता (Photo source- Patrika)
CG News: स्थानीय सखी वन स्टॉप सेंटर से पुलिस के द्वारा केंद्र को संरक्षण में दिए गए एक नाबालिक बालिका के फरार होने का मामला सामने आया है। जिससे सखी सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। पीड़ित पिता ने बताया कि, उसकी नाबालिग बेटी के गुम होने की रिपोर्ट उन्होंने कोतवाली में दर्ज कराई थी।
25 जून की रात पुलिस बालिका को रायपुर से बरामद कर कोण्डागांव लाई, लेकिन रात अधिक होने से उसे सखी सेंटर में शेल्टर पर रोक दिया गया। पिता बताया कि, उन्होंने ने रात में ही बेटी को घर ले जाने की मांग की थी, लेकिन सखी केंद्र ने कहा कि बच्ची उनके संरक्षण में है और उसे सुबह सौंपे जाने की बात कही गई।
अगली सुबह जब वह बेटी को लेने पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि, लड़की सेंटर से भाग गई है। अब समझ से परे यह है कि, नाबालिक सखी सेंटर की चार दिवारी को कैसे फांद कर फरार हो सकती है, जबकि यहाँ 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती हैं। इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खबर लिखे जाने तक बालिका लापता हैं।
अवनी विश्वाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी: सखी केंद्र का दायित्व सिर्फ संरक्षण का है, यहां आकर कोई खाए-पीए और रुके, यदि कोई दीवार कूदकर भाग जाए तो यह हमारी जिमेदारी नहीं है। हमने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है।
CG News: वही पीड़ित पिता ने को जब बेटी के फरार होने की सूचना मिली तो वे गुरुवार को नेशनल हाईवे 30 पर पर तती लेकर विरोध करते हुए न्याय दिलाने की मांग करते हुए बैठ गए। और शाम होते-होते सखी केंद्र के बाहर सड़क पर बैठकर अपनी बेटी को वापस दिलाने की मांग करते रहे। ज्ञात हो कि, इससे पहले भी सखी सेंटर की कार्य प्रणाली को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं और पिछले कुछ समय से सखी सेंटर विवादों में भी रहा है। हालांकि इन सब मामलों पर जांच भी हुई।
अजय उरांव,एसडीएम: मामले की शिकायत मिलने पर हम जांच के लिए पहुंचे हैं। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध सत कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
28 Jun 2025 02:24 pm
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