
साथी के अंतिम संस्कार में पहुंच गए 13 हाथी, फिर जो हुआ जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान, पढि़ए खबर...
कोरबा. सोमवार की दोपहर एक बीमार हाथी की मौत हो गई थी। उसके अंतिम संस्कार की तैयारी मंगलवार की सुबह की जा रही थी। पूरा वन विभाग का महकमा उस वक्त मौजूद था। जेसीबी से खोदाई चल रही थी। इसी बीच पीछे से अचानक १३ हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों को देखकर जेसीबी चालक कूदकर भागा। पास में खड़े अन्य वन विभाग के कर्मचारियों में भगदड़ की स्थिति हो गई। सभी भागकर सुरक्षित जगहों पर जाकर खड़े हो गए।
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कटघोरा वनमंडल के केंदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले कापा नवापारा बीट के जंगल में मौजूद हाथियों में शामिल एक नर दंतैल हाथी की मौत हो गई। इसकी सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कराई । बताया जा रहा है कि झुंड में शामिल एक दंतैल कई दिनों से बीमार चल रहा था। बीमारी के कारण वह काफी कमजोर भी हो चुका था। इस बीमार और कमजोर हाथी को छोड़कर दल के २३ हाथी पिछले दिनों मड़ई की ओर कूच कर गये जबकि बीमार दंतैल के साथ ६ हाथी नवापारा के जंगल में ही मौजूद रहे। इसी बीच बीमार दंतैल हाथी झुंड से अलग होकर अलग हो गए।
सोमवार की दोपहर बीमार दंतैल ने दम तोड़ दिया। मंगलवार की सुबह हाथी की अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। जहां हाथी की मौत हुई थी उसके आसपास ही १३ हाथी विचरण कर रहे थे। मृत हाथी को दफनाने के लिए वन विभाग ने एनएच में लगी जेसीबी से खोदाई करवाई जा रही थी, जो शव के पास ही खुदाई करने पहुंचा था। इसी बीच जंगल से एक के बाद एक १३ हाथियों का झुंड उसी जगह पर पहुंच गया। सबसे पहले हाथियों पर जेसीबी चालक की नजर पड़ी।
जेसीबी चालक ने वाहन से कूद कर भागने लगा। इसे देख वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सभी भागने लगे। हालांकि हाथियों के झुंड ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। अपने मृत साथी के पास लगभग २० मिनट तक बैठे रहे। उसके बाद वापस लौट गए। इसके बाद भी वन विभाग को हाथियों का डर सता रहा था इसलिए झुंड ने हाथी मित्र दल को झुंड के पीछे लगाया गया जिससे हाथियों का लोकेशन मिलते रहे।
तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पीएम, दांत व अन्य बिसरा सीलबंद किया
अंतिम संस्कार के लिए वन विभाग ने तीन वेटनरी डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने पीएम करने के बाद हाथी के दांत व अन्य बिसरा को रिजर्व रखा गया है। जिसे बुधवार को लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। अंतिम संस्कार शाम पांच बजे पूरा हो सका। हाथियों के आ जाने की वजह से लगभग तीन घंटे की देरी भी हुई।
- अंतिम संस्कार के लिए जेसीबी से खोदाई करवाई जा रही थी। इसी बीच 13 हाथियों का झुंड मौके पर पहुंच गया। इस बीच कुछ देर के लिए सभी को वहां से हटना पड़ा। 20 मिनट बैठने के बाद झुंड वापस लौट गया- प्रहलाद यादव, रेंजर, केन्दई वन परिक्षेत्र
Published on:
12 Jun 2018 07:20 pm
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