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महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ स्वामी हुए बीमार, अब इतने दिनों बाद ही 56 भोग लगने के बाद होंगे स्वामी के दर्शन

शहर के दादर स्थित प्राचीन मंदिर में पूरी धार्मिक रीति-रिवाज के साथ यह आयोजन होगा। रथयात्रा की तैयारियां चल रही हैं।

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कोरबा

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Shiv Singh

Jun 29, 2018

महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ स्वामी हुए बीमार, अब इतने दिनों बाद ही 56 भोग लगने के बाद होंगे स्वामी के दर्शन

महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ स्वामी हुए बीमार, अब इतने दिनों बाद ही 56 भोग लगने के बाद होंगे स्वामी के दर्शन

कोरबा. भगवान जगन्नाथ स्वामी गुरुवार को महास्नान के बाद बीमार हो गए। इस बीच 15 दिन तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। उनके दर्शन नहीं हो पाएंगे। 14 जुलाई को रथयात्रा के ही दिन 56 भोग लगाने के बाद स्वामी नगर वासियों को दर्शन देंगे। शहर के दादर स्थित प्राचीन मंदिर में पूरी धार्मिक रीति-रिवाज के साथ यह आयोजन होगा। रथयात्रा की तैयारियां चल रही हैं।

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दादर स्थित मंदिर के पुजारी पंडित रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि प्रभु जगन्नाथ स्वामी शुक्ल पूर्णिमा २८ जून गुरुवार को महास्नान कर आमरस पान कर बीमार हो गए। इसके बाद प्रभु आगामी 15 दिन यानी १४ जुलाई तक भक्तों को दर्शन नहीं देंगे। सेवक प्रतिदिन विशेष काढ़ा पिलाकर उपचार करेंगे ताकि पालनहार स्वस्थ होकर १४ जुलाई को नगर भ्रमण कर सकें।

दादर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार को रथयात्रा की तैयारियों का आगाज हुआ। गुरुवार से ही अनुष्ठान प्रारंभ हो गए। प्रभु को भक्तजगन्नाथपुरी की तरह मानव स्वरूप मानकर गुरुवार सुबह 9:30 बजे से स्नान कराकर आमरस पान कराया गया। 15 दिनों तक शंख, झालर, घंटे आदि के नाद तक सुनाई नहीं देंगे। रथ का नाम पुरी की तर्ज पर नंदी घोष रहेगा। जिस पर त्रिलोक मोहिनी पताका फहराएगी। रथ को शंख चूडा नागिनी रस्सी से खींचा जाएगा। समिति अध्यक्ष कृष्णा द्विवेदी ने बताया कि गांव में प्रभु जगन्नाथ स्वामी की विशाल रथयात्रा १४ जुलाई को धूमधाम से निकलेगी। इसकी तैयारी चल रही है।

करमा नृत्य व रामलीला का भी आयोजन
१४ जुलाई को मंदिर का पट खुलेगा। भगवान को इस दिन आमरस पान कराने के बाद ५६ भोग लगाया जाएगा। यही भोग भक्तों में बंटेगा। भगवान जगन्नाथ की अगुवाई करमा नृत्य दल करेगा। पूरे गांव में रथयात्रा का भ्रमण कराया जाएगा। रथयात्रा में विशेष आकर्षण का केन्द्र झांकी भी रहेगी। इसके आलावा समिति द्वारा रामलीला का भी आयोजन किया जाएगा। हर साल काफी संख्या में शहरवासी रथयात्रा में शामिल होते हैं। दादर स्थित मंदिर के अलावा बालको में भी रथयात्रा का आयोजन धूमधाम के साथ किया जाता है। रथयात्रा की तैयारी में मंदिर प्रबंधन व समिति के पदाधिकारी व ग्रामीण जुटे हुए हैं।

एक दिन के लिए शराब भट्ठी बंद करने की मांग
दादर क्षेत्र में संचालित देशी शराब दुकान को रथयात्रा के दिन बंद करने की मांग समिति द्वारा प्रशासन से की जा रही है। गांव के माहौल को सौहाद्रपूर्वक बनाए रखने के लिए समिति ने प्रशासन से १४ जुलाई को दुकान बंद करने की मांग रखी है। समिति प्रमुख कृष्णा द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर शराब दुकान बंद करने व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की की जाएगी। वहीं शहरवासियों के रथयात्रा में शामिल होने के लिए बसों की मांग की गई है। रथयात्रा में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग जाएगी।