
पुलिस ने शुरू की महिला दलाल की तलाश
कोरबा. विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के पंडोपारा में रहने वाले संरक्षित जनजाति पंडो परिवार की दो नाबालिग लड़कियां लापता हैं। एक बच्ची की उम्र आठ साल व दूसरी लड़की 11 वर्ष की है। दोनों को घर से बहला फुसलाकर ले जाने वाली महिला दलाल पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला मानव तस्करी से जुड़ रहा है।
विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के पंडोपारा में संरक्षित और पिछड़ी जनजाति पंडो रहते हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि दो साल पहले पंडोपारा में रहने वाली तिहारो बाई के घर प्रियंका कुम्हार नाम की एक महिला आई। तिहारो और उसके पति को बिना बताए आठ साल की बच्ची करिश्मा को अपने साथ ले गई। दो साल गुजर गए। लेकिन करिश्मा अभी तक घर नहीं लौटी है।
वह कहां और किस हालत में है, पंडो दंपति को जानकारी नहीं है। दंपति गरीबी की दलदल में ऐसा फंसा है कि वे बेटी की सुध लेना भी नहीं चाहते हैं। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि करिश्मा की बड़ी बहन विफैया उम्र 11 वर्ष को भी प्रियंका कुम्हार उसी दिन अपने साथ ले गई थी।
पंडो दंपति ने पुलिस को बताया कि प्रियंका ने करिश्मा और विफैया को साथ ले जाने से पहले परिवार से कोई बातचीत नहीं की। परिवार ने अपने स्तर पर खोजबीन की।
प्रियंका के ससुराल में पहुंचकर जानकारी ली, लेकिन प्रियंका नहीं मिली। प्रियंका विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ंगांव कोरबी की निवासी है। इस बीच बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था चाइल्ड लाइन को करिश्मा के घर से लापता होने की सूचना मिली। संस्था के सदस्य करिश्मा की मां तिहारो से मिलने पहुंचे।
उसने बताया कि करिश्मा के साथ उसकी बड़ी बहन विफैया भी लापता है। उसे भी प्रियंका ले गई है। संस्था ने पंडो परिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। लेकिन परिवार आजकल की बात कहकर टालता रहा। दो साल गुजर गए। परिवार ने पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी।
तब चाइल्ड लाइन के सदस्य ने मामले पर गंभीरता दिखाई। बांगो थाने में करिश्मा और विफैया के दो साल से लापता होने की सूचना दर्ज कराई है।
पुलिस ने प्रियंका के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया है। उसकी छानबीन की जा रही है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ लग रहा है। पुलिस की एक टीम पड़ोसी राज्य के लिए रवाना की जा रही है।
Published on:
28 Jun 2018 09:31 pm
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