
रूर्बन मिशन के तहत पहले फेस के अब तक 59 कार्य अधूरे, वहीं दूसरे फेस के 90 कार्य की शुरुआत
कोरबा. रूर्बन मिशन के तहत कोरबा जिले के चार गांव का एक कलस्टर बनाकर काम स्वीकृत कराया गया है। पहले फेस के अब तक ५९ कार्य अधूरे रह गए हैं तो दूसरी तरफ दूसरे फेस के ९० कार्य भी शुरू करना है। ऐसे मेें हर निर्माण एजेंंसी द्वारा लेटलतीफी की जा रही है। रूर्बन मिशन के तहत केन्द्र सरकार द्वारा अधिक आबादी और क्षेत्रफल वाले गांव को एक कलस्टर के रूप में जोड़कर विकास के लिए इस योजना की शुरूआत की गई थी।
इस योजना में कोरबा जिले के चार गांव हरदीबाजार, नेवसा, रेंकी और बम्हनीकोना को शामिल किया गया है। इन गांव की जरूरत और सुविधाओं के हिसाब से काम होना है। सड़क, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट, शौचालय, गांवों की आपस की कनेक्टिविटी, स्कूलों की स्थिति, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, एलपीजी गैस कनेक्शन सहित सिटीजन सर्विसेज सहित अन्य बिंदुओं पर काम होना है। कौन कौन से कार्य होने हैं इसका खाका तक तैयार करने मेें लेटलतीफी की गई है।
अब जब खाका तैयार कर लिया गया है तो इन कार्यों को पूरा करने में भी देरी की जा रही है। दो फेस में कुल १८८ कार्य होने हैं जिसमें पहले फेस के ९० कार्यों में से अब तक ५९ कार्य अधूरे हैं। सिर्फ ३१ कार्य ही पूरे हो सके हैं। रूर्बन मिशन की योजना के मुताबिक साल भर के भीतर सभी कार्य पूरे होने चाहिए।
चार गांवों में होने हैं कुल 188 काम
जिन चार गांव को रूर्बन मिशन के तहत चयन किया गया हैं उनमें कुल १८८ काम होना है। इनमें हरदीबाजार में ५०, रेंकी में १९, नेवसा में ३० तो सबसे अधिक बम्हनीकोना में ८९ काम स्वीकृत किए गए हैंं। कुल १८८ काम को पूरा करने के लिए एक साल का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में शुरूआत के ढाई माह एक भी काम नहीं हो सका है। तो आने वाले दो से तीन माह मानसून में फिर रूकावट आ जाएगी। ऐसे में तय समय तक काम पूरा करना बड़ी चुनौती होगी
पूरा फंड फिर भी काम के मामले में फिसड्डी
रूर्बन मिशन के तहत शासन द्वारा पर्याप्त फंड दिया गया है। यहां तक ही काम के अनुसार संबङ्क्षधत विभाग को भी स्वतंत्र रखा गया है। उसके बावजूद काम के मामले में विभाग फिसड्डी साबित हो रहे हंै। इन कार्यांे के लिए ७३१५ लाख रूपए स्वीकृत किया गया था। जिसमें अब तक महज १४९९ लाख रूपए ही खर्च किया जा सका है। गांव की सड़कों के किनारे ड्रेनेज बनाने के लिए ३७९ लाख रूपए अब तक खर्च नहीं किया जा सका है। कई ऐसे विभाग है जिसका हाल कुछ इसी तरह है।
चारों गांव में स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। आधे कार्य पूरे हो चुके हैं। कुछ काम अंतिम चरण में है।
एमएल कैवर्त, सीईओ, पाली जनपद पंचायत
Published on:
8 Jul 2018, 11:07 AM IST
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