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#हाथियों के झुंड ने तीन मकान ढहाये, चावल को किया चट, बाड़ी से केला और भुट्टा भी खा गए

चिंघाड़ से दहला बेला का गाड़ा बहरा गांव

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कोरबा

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Shiv Singh

Aug 03, 2018

चिंघाड़ से दहला बेला का गाड़ा बहरा गांव

चिंघाड़ से दहला बेला का गाड़ा बहरा गांव

कोरबा. हाथियों के झुंड ने बालकोनगर रेंज में जमकर उत्पात मचाया। तीन ग्रामीणों के मकान को ढहा दिये। घर में रखे चावल को चट कर दिया। झुंड का उत्पात यहीं नहीं रूका। झुंड किसान की बाड़ी में लगे भुट्टा और केला को भी खा गया। धान की थरहा को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। रात 12 बजे से शुरू हुआ हाथियों का उत्पात सुबह छह बजे तक जारी रहा। झुंड से जान बचाने के लिए दंपति ने तीन बच्चों के साथ एक पक्के मकान में शरण ली। चिंघाड़ सुनकर 38 मवेशी जंगल की ओर भाग गए।

हाथियों का यह उत्पात बालकोनगर रेंज के ग्राम बेला स्थित गाड़ा बहरा में हुआ। गांव में रहने वाले नान्हूराम यादव 35 ने बताया कि गुरुवार की रात लगभग 12 बजे हाथियों का झुंड उनकी गांव में दाखिल हुआ। चिंघाड़ सुनकर स्थानीय लोगोंं की नींद खुली। इसके पहले की ग्रामीण हाथियों को खदेडऩे के लिए कोई रणनीति बनाते झुंड ने नान्हूराम के कच्ची मकान को दो ओर से ढहाय दिया।

घटना के समय नान्हूराम, उसकी पत्नी गुल पतिया बाई और तीन बच्चे मकान में सोए हुए थे। सभी ने झुंड से बचकर कच्ची मकान के पास स्थित एक पक्के मकान में शरण ली। कच्ची मकान को ढहाने के बाद झुंड ने मकान में रखी गई करीब 15 किलो चावल को चट कर दिया। झुंड नान्हूराम की बाड़ी की ओर बढ़ा। भुट्टा और केला के पौधे भी खा गए। गांव में रहने वाले दूसरे ग्रामीण सालिकराम के भी मकान को ढहाय दिया है। दीलीप भगत के थरहा को भी नुकसान पहुंचाया है।

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छह तक गांव में रहा झुंड
नान्हूराम ने बताया कि गुरुवार की रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक हाथियों का झुंड बाड़ी और इसके आसपास मंडरा रहा था। इससे बचने के लिए नान्हूराम ने घर के बाहर आग जलाया, लेकिन झुंड जंगल की ओर नहीं गया।


चिंघाड़ सुनकर भागे मवेशी
नान्हूराम सहित पांच परिवार बेला के बहरा गाड़ा में रहता है। परिवार ने दुग्ध व्यवसाय से जुड़ा है। हाथियों की चिंघाड़ को सुनकर घर से 38 मवेशी जंगल की ओर भाग गए। इसमें 20 गाय और 18 बैल शामिल है। मवेशी दोपहर नान्हूराम के घर नहीं लौटे थे।


रात भर नहीं पहुंचा वन अमला
हाथियों के उत्पात की खबर ग्रामीणों ने देर रात वन विभाग को दी। लेकिन विभाग के जिम्मेदार अफसर गांव में नहीं पहुंचे। इससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।

जंगल में नहीं मिल रहा भोजन
बताया जाता है कि जंगल में हाथियों को भोजन नहीं मिल रहा है। इससे झुंड रिहायसी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। हाल में झुंड ने कुदमुरा के गांव पतरापाली में आधा तीन मकान को ढहाया दिया था। पसरखेत रेंज में भी उत्पात मचाया था। तीन दिन पहले झगरहा प्राथमिक शाला के बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया था। हाथियों के उत्पात से ग्रामीण डरे हुए हैं। वन विभाग से नाराज हैं।