
मानिकपुर चौकी में घुसकर हवलदार से धक्का-मुक्की करना छत्तीसगढिय़ां क्रांति सेना के पदाधिकारियों को पड़ा महंगा
कोरबा. हवालात में बंद आरोपी को छुड़ाने के लिए मानिकपुर चौकी में घुसकर हवलदार से धक्का-मुक्की, गाली गलौज और हंगामा करना छत्तीसगढिय़ां क्रांति सेना के पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा, गाली गलौज और धमकी देने के आरोप में दिलीप मिरी सहित चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना के पदाधिकारी दिपीप मिरी, लक्ष्य चतुर्वेदी, विक्की बंजारे और सिकंदर उर्वशा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इनके खिलाफ मानिकपुर चौकी में आईपीसी की धारा १४७ (चौकी में बलवा), २९४ (गाली गलौच), ३३२ (हवलदार को धमकी), ३५३ (धक्का मुक्की) , ५०४ (हंगामा करना), ५०६ (हवलदार को जान से मारने की धमकी) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। यहां से जेल भेज दिया गया।
क्या है मामला
मानिकपुर चौकी क्षेत्र में स्थित शारदा विहार के अटल आवास में शुक्रवार की शाम मारपीट की एक घटना हुई थी। मामले में पुलिस शायर यादव की रिपोर्ट पर विकास बंजारे और दिलीप महंत को पकड़ा था। उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। दोनों को हवालात में बंद कर दिया था।
इस बीच रात लगभग ९.४५ बजे दिलीप मिरी चौकी पहुंचा। उसने ड्यूटी पर तैनात हवलदार गिलेटबिन कुमार से हवालात में बंद विकास और दिलीप को छोडऩे के लिए कहा। हवलदार ने कार्रवाई की बात कहकर दोनों को छोडऩे से मनाकर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट से जमानत कराने के लिए कहा। गिलेटबिन का आरोप है कि उसकी बातों को सुनकर दिलीप और उसके समर्थकों ने आपा खा दिया।
पुलिस पर परदेशिया सरकार की दलाली करने का आरोप लगाते हुए गिलेटबिन से गाली गलौच और धक्का मुक्की किया। खुद को छत्तीसगढिय़ां क्रांति सेना का पदाधिकारी बताकर अंजाम भुगतने को तैयार रहने के लिए कहा। हवलदार को निपटा देने की धमकी दी। आरोपी नहीं छुटे तो मिरी समर्थकों के साथ चला गया था। शनिवार को मानिकपुर चौकी को घेरने की तैयारी कर रहा था। इसके पहले पुलिस को भनक लग गई। पुलिस ने मिरी सहित चार लोगों को धर दबोचा।
Published on:
01 Jul 2018 11:57 am
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