
श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ एटक ने किया धरना प्रदर्शन, दहन से पहले पुतला ले गई पुलिस
कोरबा. केन्द्र सरकार पर श्रमिक विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया हुए एटक (AITUC) नेता व समर्थक ट्रांसपोर्ट नगर चौक पर एकत्र हुए। नेताओं ने कहा कि श्रम कानूनों में जो बदलाव किया जा रहा है, वह मजदूरों के खिलाफ है। इससे मजदूरों को नुकसान होगा। केन्द्र सरकार पर औद्योगिक घरानों को खुश करने के लिए ही श्रम कानूनों को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार मौजूदा 44 श्रम कानूनों को खत्म करना चाहती है। इसकी जगह चार कानून बनाना चाहती है।
सरकार ने मजदूरी विधेयक और सुरक्षा से जुड़े विधेयक को संसद के पटल पर रखा है। सरकार ने वेज कोड बिल में वेतन तय करने की पद्धति को ही पूरी तरह से बदल दिया है। इस विधेयक में घंटो या दिन के हिसाब से मजदूरी तय करने का प्रावधान किया गया है।
महीने के हिसाब से मजदूरी देने की कोई बाध्यता नहीं रहेगी। किसी भी कर्मचारी को दो दिन की नोटिस पर काम से निकाला जा सकेगा। आठ घंटे काम करने की बाध्यता भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। बोनस देने का प्रावधान भी नहीं होगा। ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ कोड बिल में सरकार दावा कर रही है कि मजदूरों के बेहतर काम करने की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण अधिकारों को इस विधेयक मे शामिल किया गया है।
सच्चाई यह है कि सरकार मजदूरों पर यह दोनों कोड बिल थोपकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश में है। सभा को एटक (AITUC) के कई नेताओं ने संबोधित किया। संघर्ष जारी रखने की बात कही। इस अवसर पर जनक दास, अशोकन, उमेश शर्मा, एनके दास, कमर बक्स, धरमा राव, राजू श्रीवास्तव, रेवत मिश्रा, राजेश पांडे, सुभाष सिंह, एमपी सिंह और एसके प्रसाद सहित बड़़ी संख्या में एटक नेता उपस्थित थे।
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Updated on:
02 Aug 2019 09:03 pm
Published on:
02 Aug 2019 08:59 pm
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