25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

17 साल बाद आगामी 13 साल के लिए शहर के मास्टर प्लान को मंजूरी, जानिए कहां कौन से कार्य प्रस्तावित

शहर के मास्टर प्लान को शासन से आखिरकार मंजूरी

2 min read
Google source verification

कोरबा

image

Shiv Singh

May 04, 2018

शहर के मास्टर प्लान को शासन से आखिरकार मंजूरी

शहर के मास्टर प्लान को शासन से आखिरकार मंजूरी

कोरबा . 17 साल बाद 13 साल के लिए शहर के मास्टर प्लान को शासन से आखिरकार मंजूरी दे दी। मास्टर प्लान के फाइनल होने के बाद अब इसे छपाई के लिए राजनांदगांव स्थित सरकारी प्रेस भेजा गया है। पिछले साल अप्रैल में इसका प्रारंभिक प्रकाशन किया गया था। जिसमें 400 से अधिक लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी।


कोरबा शहर का मास्टर प्लान इससे पहले 1991 में बनाया गया था। इसे दावा आपत्ति के निराकरण के बाद 1992 मेें अंतिम प्रकाशन किया गया था। यह प्लान शहर में 2001 तक के लिए ही था। इसके बाद से लेकर अब तक नए मास्टर प्लान के लिए योजना बनाई गई लेकिन हर बार किसी अड़चन की वजह से इसे मूर्तरूप नहीं दिया जा सका।

आखिरकर इतने वर्षों बाद इसे मुर्तरूप दिया गया। रायपुर स्थित नगर निवेश मुख्यालय ने इसे फाइनल स्वीकृति दे दी है। जिसे छपने के लिए अब भेजा गया है। विभाग के मुताबिक प्रांरभिक प्रकाशन मेें आंशिक बदलाव किया गया है। नया मास्टर प्लान में वर्तमान शहर की स्थिति व जरूरत दोनों पर ही फोकस किया गया है।

यह नक्शा जेएएस सेटेलाइट के माध्यम से तैयार किया गया है। इसमें पूरे शहर को लिया गया। सेटेलाइट के माध्यम से आवासीय, व्यवसायिक, उद्योग सहित अन्य पहलुओं को देखा गया। उसके बाद इसमें जरूरत के आधार पर जोड़ा गया है। आवासीय, व्यवसायिक, सड़क परिवहन, औद्योगिक, पानी, वन, गोकुलनगर, कृषि सहित तमाम पहलुओं पर ध्यान दिया गया है। इसके नक्शे के अवलोकन के लिए विभाग द्वारा व्यवस्था की गई है।


कहां क्या-क्या प्रस्तावित
-कोरबा शहर के मध्य भाग दादरखुर्द, खरमोरा में आवासीय क्षेत्र, इसके अलावा अगारखार, जमनीपाली, गोपालपुर, भैरोताल व खम्हरिया में आवासीय विस्तार। इन क्षेत्रों में बाइपास के साथ 100 मीटर की आवासीय पटट्ी। साथ ही ग्रामीण विस्तार के गांव की वर्तमान आबादी से 50 मीटर का क्षेत्र मुख्य मार्गों के साथ।


-उरगा-रिस्दी बाइपास के साथ बरबसपुर और भिलाईखुर्द में साथ ही जामबहार-चोरभटठ्ी बाइपास के साथ चोरभटठ्ी में ट्रांसपोर्टनगर ताकि भारी वाहन वहीं रूके व इस मार्ग से बाहर से बाहर चले जाएं। सिटी में न पहुंचे।


-कुरूडीह मार्ग पर कृषि मंडी और रजगामार मार्ग पर थोक वाणिज्यिक केन्द्र। शहर के भीतर के मुख्य व्यवसायिक मार्ग के साथ 30 मीटर की वाणिज्यिक पटट़्ी।


-नया औद्योगिक क्षेत्र रिस्दी बाइपास व कटघोरा मार्ग पर गोपालपुर में।


-प्रस्तावित बाइपास सड़क के साथ कुरूडीह में सरकारी व निजी जमीन पर अर्ध सार्वजनिक क्षेत्र।
गोकुलनगर रिस्दी के साथ बरेडीमुड़ा में।


-मलजल शोधन संयंत्र हसदेव नदी के दोनों किनारों पर।


-मड़वाढोढ़ा में ठोस अपशिष्ट निपटान केन्द्र।


-खदानों, इंडियन ऑइल के चारों ओर सुरक्षा व स्वास्थ्य की दृष्टि से 500 मीटर का गैर निर्माण क्षेत्र रखा गया है।
सभी प्रमुख मार्गों की चौड़ाई 18 से 60 मीटर साथ ही कोरबा से कटघोरा बाइपास व कोरबा से कटघोरा व कोरबा से दीपका बाइपास प्रमुख है।