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सखी स्व सहायता समूह द्वारा तैयार बैग, टैडी जैसे सामानो की अब होगी ऑनलाईन शॉपिंग

अब आदिवासी सखियोंं के हाथों से बुना सामान ऑनलाइन शापिंग वेबसाइट पर भी मिलेगा

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कोरबा

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Shiv Singh

Apr 11, 2018

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अब आदिवासी सखियोंं के हाथों से बुना सामान ऑनलाइन शापिंग वेबसाइट पर भी मिलेगा

कोरबा . अब आदिवासी सखियोंं के हाथों से बुना सामान ऑनलाइन शापिंग वेबसाइट पर भी मिलेगा। पहली बार इसके लिए महिलाओं ने दो कंपनियों में रजिस्टे्रशन भी कराया है। कलेक्टोरेट परिसर के बिहान प्लाजा में सामान बेचने वाली महिलाओं ने यह प्रयास किया है। ताकि उनके द्वारा तैयार सामान को देश भर में पहचान मिल सके।


महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल कोरबा के बरपाली गांव की सखी सहेली स्व सहायता समूह द्वारा पेश की गई है। इस समिति में महिलाओं द्वारा अब तक अपने गांव व इसके आसपास के क्षेत्र में सामान बनाकर बेचा जाता रहा है। इसे जिले स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा कलेक्टोरेट परिसर स्थित पार्किंग को दुकान का स्वरूप देकर आंवटन किया गया है।

महिला दिवस पर इन दुकानों का संचालन प्रारंभ किया गया है। समूह में एक दर्जन से अधिक महिला सदस्य हैं। इनमें आधी से अधिक महिलाओं द्वारा सामान बनाने का काम किया जाता है।

जो कि घर पर रहकर ही सामान तैयार करती हंै। रोजाना सुबह दुकान आने वाली महिलाएं इसे सिटी बस में लेकर पहुंचती है। जिसे दुकान में सजाकर रखा जाता है। अधिक से अधिक सामान बिके इसके लिए अब महिलाओं द्वारा दो ऑनलाइन शापिंग कंपनी में पंजीयन भी कराया है। बकायदा इनके द्वारा तैयार समान अब ऑनलाइन में बिक्री के लिए दिखने भी लगी है। समूह की अध्यक्ष किशन बाई, निर्मला देवी, भगवती, प्रमिला बाई, अमरिका, ललिता समेत अन्य महिला सदस्यों द्वारा काम किया जा रहा है। इस काम के हिसाब के लिए बकायदा बैंक में खाता भी खोला गया है।


ताकि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा सही तरीके से हो। यहां तक की जो की मुनाफा आएगा। उसका एक हिस्सा दुकान के खर्च, सामान बिक्री पर व्यय होगा। वहीं शेष कमाई का हिस्सा सभी को बराबर-बराबर मिलेगा।


ये सामान महिलाएं कर रही तैयार
महिलाओं द्वारा जितने भी समान तैयार की जा रही है वे सभी हाथ से बने हुए हैं। इसमें जो मटेरियल का उपयोग हो रहा है। वह भी बहुत मंहगा ना होकर घरों का वेस्ट मटेरियल है। जिसका बखूबी तरह से उपयोग किया जा रहा है। महिलाओं द्वारा पैन स्टैंड, प्लास्टिक फूल, बैग, टेडीबियर, कूलर के लिए खस, काउस और सोफे भी तैयार किए जा रहे हैं।


समूह द्वारा तैयार समान भी बेचेंगे
व्यापार बढ़ाने के लिए सखी महिला स्व सहायता समूहों द्वारा अब यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गांव के आसपास अन्य समुहों को भी प्रेरित किया जाएगा। उनके द्वारा तैयार समान को भी ऑनलाइन के माध्यम से बेचा जाएगा। हालांकि अभी शुरूआती दौर होने की वजह से समानों की बिक्री में रफ्तार नहीं आई है।