
बालको संयंत्र
पुलिस ने बताया कि 22 नवंबर, 2018 की रात लगभग 3.30 बजे बालको के एल्यूमिना संयंत्र में कैप्सूल वल्कर गाड़ी से गिरकर मजदूर धीरेन्द्र कुमार सांडिल्य उम्र 21 वर्ष की मौत हो गई थी। मजदूर जांजगीर चांपा के जिले मुलमुला थाना अंतर्गत ग्राम नरियरा का निवासी था। बालको नगर क्षेत्र के नेहरू नगर इलाके में रहता था। मजदूर की मौत के मामले में पुलिस केस दर्जकर जांच कर रही थी।
चार साल से मामले की जांच चल रही थी। इस दौरान पुलिस ने घटना तिथि की रात कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों और अधिकारियों का बयान दर्ज किया। इसमे पता चला कि धीरेन्द्र बालको में कार्यरत ठेका कंपनी यूनाइडेट फ्राइट कैरियर के अंतर्गत काम करता था। ठेका कंपनी एल्यूमिना हैंडलिंग प्लांट नंबर- 02 में काम करती है। घटना दिनांक की रात कैप्सूल वल्कर वाहन एमपी 22 एच 2201 पर एल्यूमिना पॉवर को भरकर पॉट रूम तक लाया गया था। धीरेन्द्र कैप्सूल वल्कर वाहन पर चढ़कर ढक्कन खोल रहा था। इस बीच संतुलन बिगड़ गया। वह कैप्सूल वल्कर से नीचे गिर गया। मजदूर के सिर में गंभीर चोटें आई। उसे बालको के विभागीय अस्पताल पहुंचाया गया। परीक्षण कर डॉक्टर ने धीरेन्द्र को मृत घोषित कर दिया था। प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही थी। घटना के लिए पुलिस ने बालको प्रबंधन के सेफ्टी ऑफिसर और अन्य अधिकारियों को दोषी माना है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 ए के तहत केस दर्ज किया है।
पहले चालक ने कहा था चक्कर खाकर कर गिरा
घटना के तत्काल बाद कैप्सूल के चालक मनोज सिंह धु्रव ने मजदूरों को बताया था कि धीरेन्द्र चक्कर खाकर गाड़ी से नीचे गिर गया था। हालांकि अभी तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि धीरेन्द्र संतुलन बिगड़ने से कैप्सूल पर से नीचे गिरा या चक्कर आने से। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चार साल में दोषी अधिकारियों को नहीं पहचान सकी पुलिस
धीरेन्द्र की मौत के चाल साल तक पुलिस ने फाइलों को दबाकर रखा। मामले की जांच गंभीरता से नहीं किया। चार साल बाद अब घटना के लिए कंपनी के सेफ्टी ऑफिसर और अन्य अधिकारियों को दोषी माना गया है। लेकिन सेफ्टी ऑफिसर कौन था? और इस घटना के पीछे किन किन लोगों की लापरवाही थी? यह अभी तक पुलिस ने स्पष्ट नहीं किया है। पूरे मामले में अज्ञात सेफ्टी ऑफिसर और अधिकारियों पर पर केस दर्ज किया गया।
Published on:
06 Aug 2022 01:36 pm
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