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बैंकिंग कर्मचारियों की हड़ताल शुरू लोग हो रहे परेशान, एटीएम भी देने लगे जवाब

सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल शुरू

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कोरबा

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Shiv Singh

May 30, 2018

सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल शुरू

सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल शुरू

कोरबा . वेतन में दो फीसदी वृद्धि के विरोध में 30 व 31 मई को दो दिन देश के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल शुरू हो चुकी है। इस हड़ताल में कर्मचारियों के साथ अधिकारी भी शामिल हैं।

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कर्मचारियों की हड़ताल का असर ऊर्जाधानी में भी दिख रहा है। छोटे कार्यों के लिए बैंक पहुंच रहे आम लोग बैंक के दरवाजों पर ताला लटका देख बैरंग लौटने का विवश हो रहे हैं। बैंको में बुधावार के बाद गुरूवार को भी हड़ताल रहेगी। इन दो दिनों में एटीएम में भी पैसा नहीं डाला जाएगा। इसलिए परेशानी और भी बढ़ गई है। छोटे बैंकों के कई एटीएम बुधवार को ही ड्राय होने की स्थिति में हैं।

औद्योगिक नगरी कोरबा के लिए बैंकों की हड़ताल किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है, यहां बालको, एनटीपीसी , एसईसीएल से लेकर कई बड़े प्रतिष्ठान हैं और इनका प्रतिदिन लाखों-करोड़ों लेनदेन होता रहता है। व्यापारियों का भी व्यवसाय काफी बड़ा है और वे इस प्रकार की हड़ताल से काफी परेशान हो जाते हैं।

उन्हें हर रोज बैंकिंग व्यवस्था से आवश्यकता होती है। विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। सरकारी बैंकों के हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों ने 30 और 31 मई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान पहले ही कर दिया था। इस हड़ताल से बिजनेस और इंडस्ट्री पर भी विपरीत असर पड़ा है।

यह है मांग
बैंक यूनियनों के मुताबिक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने उनके वेतन में सिर्फ दो फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव है, जिसे पांच मई को हुई आईबीए की बैठक में लाया गया था। इसमें 31 मार्च 2017 तक वेज बिल कॉस्ट में दो फीसदी के इजाफे का प्रावधान है, लेकिन बैंक यूनियन ने प्रस्ताव का विरोध किया है।


इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए बिलासपुर संभाग के सचिव ललित अग्रवाल ने कहा कि बैंकों को जो नुकसान हो रहा है, इस नुकसान के लिए बैंक कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्ष से बैंक कर्मचारियों ने जन-धन, नोटबंदी, मुद्रा योजना और अटल पेंशन योजना समेत अन्य योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वेतन प्रावधान में आईबीए ने 15 फीसदी के वेतन इजाफे का प्रस्ताव दिया था। यह नवंबर 1, 2012 से 31 अक्टूबर, 2017 के बीच की अवधि के लिए था। पिछले वेतन प्रावधान में आईबीए ने 15 फीसदी के वेतन इजाफे का प्रस्ताव दिया था। यह नवंबर 1, 2012 से 31 अक्टूबर, 2017 के बीच की अवधि के लिए था।