
दीपका. देश में सबसे अधिक कोयला उत्पादन करने वाली कोयला खदान गेवरा परियोजना के प्रवेश द्वार पर इन दिनों अनियंत्रित ढंग से भारी वाहनों का जाम लगा रहता है। इन समस्याओं को दूर करने में प्रबंधन रुचि नहीं दिखा रहा है।
हालत यह है कि वर्तमान में थाना दीपका एवं गेवरा प्रवेश द्वार बेरियर स्थित चौक में भयंकर जाम लगने से बिलासपुर , पाली, हरदी बाजार, कटघोरा, कोरबा मार्ग की ओर यात्रा करने वालों लोगों को खासा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही इस स्थान पर पानी छिड़काव से अत्यधिक कीचड़ की स्थिति निर्मित हो जाती है जिसमें फिसलन के कारण लोग गिरते हैं और पानी छिड़काव न होने से कोयले की डस्ट से भयंकर धुंध हो जाती है, जिससे दिखाई नहीं देने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस चौक की हालत इस कदर अराजकपूर्ण हो गयी है। जैसे कोयला परिवहन में लगे ट्रक पहले नंबर बनाने के लिए कोई भी कहीं से भी घुस रहा है। इस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। इस आपाधापी में आए दिन दुर्घटनाएं घट रही है। इससे क्षेत्रवासियों में काफी आक्रोश है। भारी वाहनों की रफ्तार पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है।
कभी भी कोई राहगीर इन भारी वाहनों के पहिए की चपेट में आ सकता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए कोयला परिवहन में लगे ट्रकों की आवाजाही को नियंत्रित ढंग से व्यवस्थित किए जाने और उतने ही ट्रक क्रमबद्ध ढंग से इस स्थान के लिए छोड़ा जाए। जिसे आवागमन सुचारु रुप से चले। इन सभी प्रकार की समस्याओं को लेकर पार्षद अरूणीश तिवारी ने महाप्रबंधक एसईसीएल गेवरा को पत्र लिखकर समस्या दूर करने के लिए कहा है।
Published on:
11 Mar 2018 10:57 am
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