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शिक्षित बनो, संघर्ष करो बाबा के संदेश पर अमल कर रहा है एससी-एसटी समाज

शनिवार को एसईसीएल एसआरसी भवन में डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती समारोह
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 22 Apr 2018, 11:45 AM IST

शनिवार को एसईसीएल एसआरसी भवन में डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती समारोह

शनिवार को एसईसीएल एसआरसी भवन में डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती समारोह

कोरबा . कोल इंडिया एसटी, एससी एम्प्लाइज एसोसिएशन (सिस्टा) द्वारा शनिवार को एसईसीएल एसआरसी भवन में डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसईसीएल कोरबा एरिया के महाप्रबंधक एसके पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


महाप्रबंधक पाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा के दिए गए संदेश शिक्षित बनो, संघर्ष करो का पालन आज एसटी, एससी वर्ग पूरी तरह से कर रहा है। समाज के लोगों में शिक्षा के प्रति जागरुकता आयी है, साथ ही अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक हुए हैं। सिस्टा द्वारा उक्त समाज की समस्याओं को दूर करने प्रयास किया जाता रहा है, कंपनी द्वारा इनकी समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। कंपनी एसटी,एससी कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया करा रही है साथ ही किसी भी कर्मचारियों में भेदभाव न हो इसका भी ध्यान रखा जाता है।


एसके मार्को ने बाबा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब ने समाज को सम्मान दिलाने सदैव संघर्षरत रहे। उनके द्वारा कई आंदोलन समाज हित के लिए किए गए।


मोहन सिंह प्रधान ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में कुछ लोगों द्वारा अब उंगलियां उठायी जा रही है जो देश हित में नहीं हैं। ऐसे लोग हमारे समाज के विकास में बाधा डालने का काम कर रहे हैं।


संगठन के सचिव निर्मल सिंह राज ने कहा कि संगठन को मजबूती प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। सिस्टा के कार्यों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इसकी सदस्यता ग्रहण की है। कर्मचारियों की समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष रखा जाता है, प्रबंधन भी सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए समस्याओं को दूर करने में अपना सहयोग प्रदान करती है।


कार्यक्रम में शामिल अन्य अतिथियों ने भी संबोधन दिया। उन्होंने बाबा साहेब के कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके द्वारा लिखे गए संविधान को देश में लागू किया गया और उनका पालन करते हुए देश विकास की ओर अग्रसर है। समाज के लोग विभिन्न क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

जहां कहीं भी हमारे अधिकारों का हनन होता है तो हम सबको एकजुटता के साथ आवाज उठाने की जरूरत है। संविधान से बड़ा देश में कुछ भी नहीं है। हम सबका कर्तव्य है कि हम संविधान का आदर और सम्मान करें और अपने देश के विकास में अपना योगदान दें।


सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। नृत्य, गायन एवं वादन ने उपस्थितों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में सिस्टा के कंपनी महासचिव आरपी खाण्डे, अध्यक्ष लूकश तेलारे, उपाध्यक्ष अशोक सूर्यवंशी, कोषाध्यक्ष हरप्रसाद रात्रे, क्षेत्रीय संयोजक बीआर सुमन, दिनेश बंजारे,

कार्यवाहक अध्यक्ष डीके जामुनिक, छतराम खुंटे, केएस टेकाम, जी पाटले, सेकराम खुंटे, डॉ. जयपाल सिंह, एसके बंजारा, पूर्व महासचिव रामसिंह बौद्ध सहित बड़ी संख्या में सिस्टा के पदाधिकारी, सदस्य व समाज के लोग उपस्थित थे।