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मकान बनाना शुरू किया तो मकान मालिक के उड़ गए होश, जब उन्हें पता चला ये हकीकत…

नगर निगम ने सभी को नोटिस जारी कर समान हटाने को कहा गया है। नहीं तो सेामवार को कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 3 Jun 2018, 11:17 AM IST

मकान बनाना शुरू किया तो मकान मालिक के उड़ गए होश, जब उन्हें पता चला ये हकीकत...

मकान बनाना शुरू किया तो मकान मालिक के उड़ गए होश, जब उन्हें पता चला ये हकीकत...

कोरबा . पांच एकड़ सरकारी जमीन की प्लाटिंग कर दलालों ने कई लोगों को बेच दी है। खरीददारों द्वारा जब मकान बनाना शुरू किया गया तब जाकर इसका खुलासा हुआ। निगम अमले ने शुक्रवार को जाकर काम को बंद करा दिया गया है। सोमवार से कब्जे को हटाने का काम किया जाएगा।

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शहर में सरकारी जमीन की अवैध प्लाटिंग अब भी धड़ल्ले से जारी है। सरकारी जमीन को स्टाम्प में कई लोगों को बेचा जा रहा है। कई जगह फर्जी तरह से खसरा-बी १ तैयार किया जा रहा है। तो वहीं कुछ जगहों पर स्टाम्प में लिखापढ़ी कर जमीन की हेराफेरी की जा रही है। लंबे समय तक जमीन की अवैध प्लाटिंग और सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा हुआ था।

ताजा मामला शहर के वार्ड क्रमांक तीन राताखार मोहल्ले के पुराने तालाब से लगी सरकारी जमीन का सामने आया है। यहां पर राजस्व जमीन लगभग पांच एकड़ खाली पड़ी हुई है। इसे शहर के कुछ जमीन दलालों ने सुनियोजित तरीके से प्लाटिंग कर शहर के एक दर्जन से ज्यादा लोगों को बेच दिया गया है। जमीन खरीदने वाले लोगों ने जब मकान और बाउंंड्रीवाल का निर्माण शुरू किया तब जाकर इसकी जानकारी निगम को मिल सकी।

शुक्रवार को निगम का तोड़ूदस्ता दल मौके का मुआयना करने पहुंचा था। जहां कुछ लोग मकान निर्माण के लिए नींव खोदाई कर आगे का काम शुरू कराने की तैयारी में थे। तो कुछ अभी काम शुरू कराने के लिए समान गिरवाया गया है। नगर निगम ने सभी को नोटिस जारी कर समान हटाने को कहा गया है। नहीं तो सेामवार को कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

कागजों में जमीन दलाल गायब, कई लोगों के डूबे लाखों
एक बार फिर शहर के दर्जनों परिवारों के लाखोंं रूपए इस जमीन खरीदी में डूब गए। कागजों में कहीं भी जमीन दलालों का नाम नहीं है। जिन लोगों ने जमीन खरीदी उनमें हड़कंप मचा हुआ है। लोग जमीन दलालों को फोन लगा रहे हैं। भोले-भाले लोगों ने जमापूंजी लगाकर जमीन खरीदी थी। एक डिसमिल जमीन सवा लाख तक बताया जा रहा है। दरअसल शहर से लगी हुई जमीन होने की वजह से लोगों नं अधिक पैसा दे दिया। अब सवाल उठता है कि सरकारी जमीन को बेचने वाले दलालों के खिलाफ प्रशासन किस तरह कार्रवाई करता है।

-राताखार बस्ती में चार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को प्लाटिंग कर बेच दिया गया है। निर्माण शुरू करने वालों को नेाटिस दिया गया है। सोमवार से कार्रवाई होगी। जमीन किसने बेची इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
श्रीधर बनाफर, तोडूदस्ता प्रभारी निगम कोरबा