
श्रमिक नेताओं ने ऐसा किया विरोध कि कोल इंडिया को करनी पड़ी स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक स्थगित
कोरबा . कोल इंडिया की स्टैंडराइजेशन कमेटी की तीन जून को होने वाली बैठक स्थगित हो गयी है। एरियर्स भुगतान में मनमानी करने के कारण श्रमिक संगठनों ने बैठक में जाने से इनकार कर दिया तो आखिरका प्रबंधन को बैठक स्थगित करनी पड़ी।
वरिष्ठ श्रमिक नेता एवं जेबीसीसीआई के सदस्य नाथू लाल पांडेय ने सबसे पहले एरियर के भुगतान के तरीके पर सख्त एतराज जताया। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन ने एरियर भुगतान के मामले में मनमाने तरीके से फैसला लिया है जबकि एरियर्स भुगतान के लिए श्रमिक हितों का ख्याल रखा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रबंधन को चाहिए कि श्रमिकों को एकमुश्त एरियर का भुगतान सुनिश्चित करे क्योंकि इस समय बच्चों के प्रवेश से लेकर कई प्रकार के जरूरी खर्चे हैं और श्रमिकों की पैसे की सख्त जरूरत है लेकिन प्रबंधन मनमानी पर उतारू है। प्रबंधन की इसी मनमानी के कारण स्टैंडराजजेशन की बैठक में न जाने का निर्णय लिया और इसके बाद बीएमएस ने भी बैठक से किनारा कर लिया। आखिरकार प्रबंधन ने बैठक को स्थगित कर दिया।
बैठक की नयी तिथि तय नहीं
कोल इंडिया की स्टैंडराइजेशन कमेटी की नयी बैठक को लेकर अभी नयी तिथि तय नहीं की गयी है लेकिन श्रमिक संगठनों की नाराजगी देखते हुए प्रबंधन जरूर चिंता में है। बताते हंै कि पहले तो प्रबंधन ने बैठक में शामिल होकर अपनी बात कहने के लिए श्रमिक नेताओं से कहा कि लेकिन नेताओं ने दो टूक कह दिया कि वे प्रबंधन की मनमानी से नाराज हैं।
दिल्ली में एटक की हुई बैठक
कोरबा. भारतीय खान मजदूर फेडरेशन (एटक) की दिल्ली में आयोजित बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। इसमें फेडरेशन के महासचिव कामरेड रमेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह, सचिव कामरेड दीपेश मिश्रा, लखन महतो, अशोक दुबे, जोसफ,के.करण कार्यकारिणी सदस्य कामरेड अजय विशकरमा,लिंग राज नायक, मनोज पांडे आदि उपस्थित रहे।
बैठक के संबंध में फेडरेशन के सचिव दीपेश मिश्रा ने बताया की बैठक में एक मत से प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्र सरकार एवं कोल इंडिया की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सभी श्रम संगठनों को साथ लेकर चरण बद्ध आंदोलन के साथ एक दिन का काम बंद हड़ताल किया जाएगा। हड़ताल की तिथि की घोषणा सभी श्रमिक संगठनों के राय से की जाएगी।
दीपेश मिश्रा ने आगे बताया कि शनिवार को हुई बैठक मे जो प्रस्ताव पारित किया गया, उसमें भारत सरकार द्वारा लाए जा रहे कमर्शियल माइनिंग का खिलाफत के साथ श्रम कानूनों मे मजदूर विरोधी जो परिवर्तन किया जा रहा है उसका भी खिलाफत के साथ ठेका मजदूरों को हाई पावर कमेटी द्वारा तय वेतन दिलाने तथा कोल इंडिया द्वारा कोयला मजदूरों के षडयंत्र के तहत एक एक करके सारे सुविधाओं मे जो कटौती की जा रही है उसके खिलाफ भी प्रस्ताव पारित किया गया।
Published on:
3 Jun 2018, 12:19 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.