
CG News: मौसम की मार से बिगड़ रही सेहत, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का बढ़ा खतरा...(photo-unsplash)
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बारिश का सिलसिला जारी है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है। सबसे अधिक फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं। शासकीय अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार लग रही है। चिकित्सकों की ओर से मरीजों को स्वास्थ्य पर ध्यान रखने और बाहरी खानपान से बचने की सलाह दे रहे हैं।
शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को मरीजों की संख्या लगभग 800 से अधिक पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि यह स्थिति मेडिकल कॉलेज अस्पताल ही नहीं, बल्कि इतवारी बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
अस्पताल में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि बारिश के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है। वह सर्दी या फलू का शिकार हो जाता है। इस मौसम में अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें। ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वह बिमारियों से लड़ने में सफल रहे।
अस्पताल में सबसे अधिक सर्दी, खांसी, उल्टी, दस्त सहित मौसमी बीमारी के मरीज ज्यादा सामने आ रहे हैं। चिकिस्तक लोगों को महिला, बुजुर्ग व बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
सीएमएचओ ने कहा कि सावधानियां बरतने से मौसमी बिमारियों के खतरों से बचा जा सकता है। किसी व्यक्ति को मलेरिया, डायरिया, टाईफाईड, हेपेटाईटिस तथा त्वचा रोग संबंधि लक्षण दिखाई दे तो वे चिकत्सालय, जाकर अपना उपचार करावें। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को अपने क्षेत्र में जल जनित बिमारियों बचने के संबंध जागरूक करने के लिए कहा गया है।
● बेहतर स्वच्छता का उपयोग करें। खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए।
●नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखना चाहिए।
●पानी को उबालकर पीएं।
●बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना ताजा भोजन ले।
●अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन से बचें।
●सब्जियों तथा फलों को धोकर उपयोग करें।
●कटे फल, दही, रायता जैसे कच्चे भोजन खाने से बचें तथा घर से बाहर गोलगप्पे, चाट तथा दही खाने से बचें।
सीएमएचओ डॉ. एसएन केशरी ने बताया कि बारिश के मौसम में मच्छरों की भरमार होने के साथ ही इनसे जनित बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली मलेरिया, डेंगू, हैजा, टाईफाईड, हेपेटाईटिस ए आदि शामिल हैं। बारिश का पानी भरे रहने पर उसमें मच्छरों की प्रजनन क्रिया होती है।
डेंगू बुखार जानलेवा माना जाता है जो कि एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। हैजा(डायरिया) एक जलजनित संक्रमण है जो शरीर में कालरा फैलाता है इस रोग के होने पर दस्त व निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। डायरिया कुपोषण का एक प्रमुख कारण होता
Updated on:
08 Jul 2025 04:31 pm
Published on:
08 Jul 2025 04:30 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
